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धर्मशाला: दलाई लामा पुनर्जन्म पर TAR अधिकारी के बयान की निंदा, निर्वासित तिब्बती बोले- फैसला धर्मगुरु के हाथ

Mon, 11 Aug 2025 06:53 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, धर्मशाला

सार

टीएआर अधिकारी ने अपने बयान में कहा था कि14वें दलाई लामा के पुनर्जन्म पर आखिरी फैसला चीनी सरकार का है।
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दलाई लामा - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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केंद्रीय तिब्बती प्रशासन (सीटीए) के वरिष्ठ नेताओं, कार्यकर्ताओं और अधिकारियों सहित निर्वासित तिब्बतियों ने रविवार को तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र (टीएआर) के एक तिब्बती अधिकारी के दलाई लामा के पुनर्जन्म पर दिए बयान की निंदा की। टीएआर अधिकारी ने अपने बयान में कहा था कि14वें दलाई लामा के पुनर्जन्म पर आखिरी फैसला चीनी सरकार का है। इस बयान से वैश्विक तिब्बती समुदाय में व्यापक आक्रोश फैल गया। सीटीए ने इस बयान का खंडन करते हुए कहा कि यह फैसला पूरी तरह से दलाई लामा के हाथ में है।

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निर्वासित तिब्बतियों ने तर्क दिया कि इस तरह का हस्तक्षेप धार्मिक स्वतंत्रता और तिब्बत की सांस्कृतिक परंपराओं को कमजोर करता है। उन्होंने अधिकारी को चीनी प्रचार का मुखपत्र मात्र करार दिया। एक प्रमुख तिब्बती लेखक और कार्यकर्ता,त्सुंडुए ने टीएआर अधिकारी को चीनी कठपुतली करार देते हुए कहा कहा कि दलाई लामा तिब्बती समुदाय और परंपरा के समग्र प्रतिनिधि हैं। 

वहीं, तिब्बती लेखक और कार्यकर्ता, तेनजिन त्सुंडुए ने कहा कि जैसे ही आप तिब्बती अधिकारी कहते हैं,यह एक गलत नाम है। एक व्यक्ति जो महज रक्त और संस्कृति से तिब्बती है,वह तिब्बती प्रेरणा, संस्कृति या परंपरा का प्रतिनिधित्व नहीं करता। यहां, जिसे तिब्बती कहा जाता है,वह वास्तव में चीनी सरकार और प्रचार का प्रतिनिधित्व करता है। वास्तव में,परम पावन दलाई लामा के पुनर्जन्म के बारे में अंतिम निर्णय पूरी तरह से उनकी कही गई बातों पर निर्भर करता है। 

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