निर्वासित संसद में भारत की आजादी का जश्न
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निर्वासित तिब्बती सरकार, यानी सेंट्रल तिब्बती एडमिनिस्ट्रेशन (CTA) ने धर्मशाला में अपने मुख्यालय पर भारत का स्वतंत्रता दिवस मनाया। इस मौके पर CTA के प्रेसिडेंट (सिक्योंग) पेन्पा त्सेरिंग ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इस जश्न के लिए निर्वासित तिब्बती सरकार के मंत्री, तिब्बती संसद के स्पीकर और डिप्टी स्पीकर, सांसद, CTA के अधिकारी और कर्मचारी, और तिब्बती समुदाय के लोग मुख्यालय में इकट्ठा हुए।
इस कौके पर सेंट्रल तिब्बती एडमिनिस्ट्रेशन की 17वीं काशाग (कैबिनेट) के सिक्योंग (प्रेसिडेंट) पेन्पा त्सेरिंग ने कहा कि धर्मशाला में, सेंट्रल तिब्बती एडमिनिस्ट्रेशन के सभी नेता और सरकारी अधिकारी हेडक्वार्टर में एक साथ आते हैं, और हम भारत का राष्ट्रीय ध्वज फहराते हैं, भारत का राष्ट्रगान गाते हैं... हर भारतीय को इस पल की अहमियत समझनी चाहिए क्योंकि हम जानते हैं कि आजादी के बिना जीने का क्या मतलब होता है।
पेन्पा ने कहा कि अगर आप चीनी सरकार की सभी नीतियों और कार्यक्रमों को देखें, तो ऐसा नहीं लगता कि बातचीत या आपसी समझ के लिए कोई जगह है। उन्होंने उन सभी कार्यक्रमों पर कानूनी आवरण चढ़ा दिया है जिन्हें वे कई साल से तिब्बतियों और मंगोलों जैसी जातियों की पहचान खत्म करने के लिए चला रहे हैं, ताकि उन्हें पूरी तरह से खत्म करके मुख्य हान समुदाय में मिलाया जा सके।