इसी बीच, पुलिस ने रैगिंग से जुड़े मामले की स्टेटस रिपोर्ट धर्मशाला न्यायालय में प्रस्तुत की। कॉलेज की चार छात्राओं पर मारपीट का आरोप है। रिपोर्ट के अवलोकन के बाद न्यायालय ने चार आरोपियों में दो छात्राओं की अंतरिम जमानत अवधि 17 जनवरी तक बढ़ा दी है। जांच के तहत पीड़िता और एक आरोपी छात्रा के मोबाइल फोन से डिजिटल साक्ष्य जुटाए जा चुके हैं। अब पुलिस तीन अन्य आरोपी छात्राओं और आरोपी प्रोफेसर के मोबाइल फोन को भी फोरेंसिक जांच के लिए भेजेगी। बुधवार शाम तक कुछ आरोपियों के मोबाइल फोन पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिए हैं।
छात्रा की बीमारी, उसके कारणों, उपचार प्रक्रिया और मौत के वास्तविक कारणों को लेकर मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट तीन दिन बाद सोमवार को पुलिस को मिलने की उम्मीद है। रिपोर्ट मिलने के बाद मामले की गुत्थी काफी हद तक सुलझने की उम्मीद जताई जा रही है। डीआईजी सौम्या सांबशिवन ने कहा कि मेडिकल बोर्ड सोमवार तक रिपोर्ट पुलिस को सौंपेगा। पुलिस इस मामले की निष्पक्ष और पेशेवर तरीके से जांच कर रही है।