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हिमाचल: फर्जी दानदाता बन बौद्ध धार्मिक संस्थान से 6.58 लाख रुपये ठगे, पुलिस ने दर्ज की जीरो एफआईआर

Mon, 19 Oct 2026 11:28 AM IST
Ankesh Dogra संवाद न्यूज एजेंसी, धर्मशाला।

सार

साइबर ठगों ने पुराने दानदाता के नाम से मिलती-जुलती ई-मेल भेजकर धर्मशाला के समीप एक बौद्ध धार्मिक संस्थान के छह कर्मचारियों से 6.58 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए। ठगों ने दो परिचितों के इलाज के लिए भारत आने का बहाना बनाया। असली दानदाता से संपर्क करने पर धोखाधड़ी का पता चला।

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साइबर ठगी।
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विस्तार
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साइबर ठगों ने फर्जी दानदाता बनकर धर्मशाला के समीप स्थित एक बौद्ध धार्मिक संस्थान से 6.58 लाख रुपये ठग लिए। शातिरों ने संस्थान के पुराने दानदाता के नाम से मिलती-जुलती ई-मेल भेजकर दो परिचितों के आपातकालीन इलाज के लिए भारत आने का हवाला दिया और आर्थिक मदद मांगी। इसके बाद संस्थान के छह कर्मचारियों से नौ बार में अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर करवा ली। असली दानदाता से संपर्क करने पर ठगी का खुलासा हुआ।

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पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, पांच अक्तूबर को संस्थान को एक ई-मेल मिली, जो पुराने दानदाता के नाम से मिलती-जुलती थी। ई-मेल में दावा किया गया कि दानदाता के दो परिचित इलाज के लिए भारत आ रहे हैं और वह सीधे भारतीय बैंक खाते में पैसे नहीं भेज पा रहे हैं। रकम जल्द लौटाने का भरोसा देकर संस्थान से आर्थिक सहायता मांगी गई।

शिकायत के मुताबिक, जब संस्थान की ओर से कार्यालय के खाते से भुगतान करने में असमर्थता जताई गई तो कथित ठगों ने निदेशक का मोबाइल नंबर लिया और व्हाट्सएप के माध्यम से संपर्क किया। इसके बाद निदेशक के कहने पर संस्थान के छह कर्मचारियों ने छह से नौ अक्तूबर के बीच बैंक ऑफ महाराष्ट्र और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के दो खातों में कुल 6.58 लाख रुपये नौ बार में ट्रांसफर कर दिए।
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बाद में संस्थान प्रबंधन ने वास्तविक दानदाता से संपर्क किया तो पता चला कि उन्होंने ऐसी कोई ई-मेल नहीं भेजी थी और न ही इस तरह की मदद मांगी थी। इसके बाद संस्थान को धोखाधड़ी का पता चला और पुलिस में शिकायत दी गई।

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एएसपी साइबर क्राइम पुलिस थाना धर्मशाला कुलदीप कुमार ने बताया कि मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) के तहत जीरो एफआईआर दर्ज की गई है। मामले को आगामी कानूनी कार्रवाई और जांच के लिए स्थानीय थाने में स्थानांतरित कर दिया गया है।
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