साहसिक खेल पैराग्लाइडिंग पर अब कोविड-19 के बाद मौसम की मार पड़ने वाली है। करीब डेढ़ माह बाद शुरू हुई उड़ानों पर अब 15 जुलाई से फिर प्रतिबंध लग जाएगा। मानसून को देखते हुए 15 जुलाई से 15 सितंबर तक इन साहसिक गतिविधियों पर पूरी तरह से रोक रहती है। कोरोना काल की मार से जूझ रही पैराग्लाइडिंग उड़ानों पर एक बार फिर से अब मौसम की मार पड़ने वाली है।
पर्यटन विभाग इन साहसिक गतिविधियों पर 15 जुलाई से 15 सितंबर तक पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने की तैयारी में है, मानसून को देखते हुए पर्यटकों और पायलटों की जान को जोखिम में न डाला जा सके, इसके चलते पर्यटन विभाग हर वर्ष 15 जुलाई से लेकर 15 सितंबर तक इन साहसिक गतिविधियों पर पूरी तरह से रोक लगा देता है। गौर रहे कि इससे पहले कोरोना वायरस के बढ़ रहे मामलों के कारण इन उड़ानों पर रोक लगाई थी। वहीं अब प्रदेश में पर्यटकों के आने पर कोई भी पाबंधी नहीं है, लेकिन बरसात का मौसम शुरू होते ही पर्यटन विभाग पैराग्लाइडिंग पर रोक लगा देगा, जिसका असर पायलटों पर पड़ेगा।
प्रतिबंध न लगाने को सरकार को लिखेंगे पत्र: विजय इंद्रकर्ण
धर्मशाला एडवेंचर स्पोर्ट्स क्लब के प्रधान विजय इंद्रकर्ण ने कहा कि कोरोना काल में पहले ही पायलटों पर मार पड़ी है। वहीं अब पर्यटन गतिविधियां शुरू होने के बाद पैराग्लाइडिंग को भी कुछ पंख लगे हैं। इस बार 15 जुलाई से इन साहसिक खेल गतिविधियों पर रोक न लगे, इसके लिए प्रदेश सरकार को लिखा जाएगा। प्रदेश सरकार से मांग की जाएगी कि जब तक बरसात पूरी तरह से उतर नहीं आती है, तब तक पैराग्लाइडिंग पर रोक न लगाई जाए।
जिला पर्यटन अधिकरी सुनयैना शर्मा ने कहा कि सरकार की गाइड लाइन के चलते हर वर्ष 15 जुलाई से लेकर 15 सितंबर तक साहसिक गतिविधियों को बंद रखा जाता है। इस वर्ष भी 15 जुलाई से प्रदेश भर में इन साहसिक गतिविधियों पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध रहेगा।