चंबा का बैरागढ़ में साच पास-किलाड़ मार्ग पर गिरी र्बफ। संवाद
- फोटो : चंबा का बैरागढ़ में साच पास-किलाड़ मार्ग पर गिरी र्बफ। संवाद
पांगी/तीसा/चंबा। हिमाचल के चंबा जिले में समुद्र तल से 14,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित साच-पास दर्रे को खोलने का कार्य अभी तक लोक निर्माण विभाग आरंभ नहीं करवा पाया है। चंबा-पांगी वाया सााच पास मार्ग के बहाली कार्य में होने वाली देरी के कारण पांगी की 19 पंचायतों के बाशिंदों को अभी लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। पांगी लोक निर्माण विभाग की ओर से जून तक साच पास को यातायात के लिए बहाल करने का लक्ष्य रखा गया है लेकिन, अभी तक मार्ग को बहाल करने के लिए न तो पांगी और न ही चुराह के बैरागढ़ से साच पास-किलाड़ मार्ग को बहाल करने के लिए मशीनें तैनात की जा सकी हैं। इससे पांगीवासियों का इंतजार बढ़ता जा रहा है। वहीं, साच पास में होने वाली बर्फबारी और हिमखंड गिरने को विभागीय अधिकारी मार्ग बहाल कार्य आरंभ न होने की वजह बता रहे हैं। विभागीय अधिकारियों ने साफ किया है कि मौसम के साफ रहने पर दस अप्रैल के बाद ही मार्ग को यातायात के लिए बहाल करने का क्रम आरंभ होगा।
गौरतलब है कि पिछले वर्ष 15 मार्च के बाद लोक निर्माण विभाग की ओर से चंबा-पांगी वाया साच पास मार्ग को यातायात के लिए बहाल करने के लिए मशीनरी लगा दी गई थी लेकिन, वर्तमान समय में 24 मार्च बीत जाने के बाद भी मार्ग बहाली का कार्य आरंभ न होना चिंता का विषय बना हुआ है। बता दें कि चुराह के बैरागढ़ से साचपास-किलाड़ मार्ग पर 60 किलोमीटर तक बर्फ हटाई जाती है। इस दौरान 50 से लेकर 60 फीट ऊंचे 16 हिमखंडों को काट कर मार्ग को वाहनों की आवाजाही के लिए बहाल किया जाता है। पांगी घाटी को जिला मुख्यालय से जोड़ने वाले साचपास मार्ग के खुलते ही दिनों का सफर घटों में तय हो पाएगा। चंबा से वाया साचपास पांगी मुख्यालय किलाड़ की दूरी करीब 172 किलोमीटर है। वाया मनाली यही दूरी करीब 650 किलोमीटर जबकि वाया जम्मू करीब सात सौ किलोमीटर है। पांगी घाटी के लोगों को किलाड़ से वाया साचपास होते हुए जिला मुख्यालय चंबा पहुंचने की सुविधा मिलती है।
वाया मनाली, जम्मू करना पड़ रहा सात सौ किमी सफर
साच पास बंद होने के कारण पांगी घाटी के लोगों को घाटी से चंबा पहुंचने के लिए वाया मनाली और जम्मू कश्मीर सफर करना पड़ रहा है। वाया जम्मू चंबा की दूरी करीब सात सौ किलोमीटर है। ऐसे में उन्हें लंबा सफर तय कर घाटी से चंबा और चंबा से घाटी पहुंचना पड़ रहा है।
चुराह के बैरागढ़ से वापस भेजे जा रहे पर्यटक
भले ही जिला चंबा के खूबसूरत पर्यटन स्थल साच पास पर अभी तक सरकार की नजर नहीं पड़ी हो लेकिन यह पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इन दिनों पर्यटकों का आना जारी है। साच पास आने वाले पर्यटकों को चुराह के बैरागढ़ नामक स्थान से ही वापस भेजा जा रहा है।
साच पास में बर्फबारी और हिमखंड गिरने का क्रम जारी है। इससे मार्ग अब 10 अप्रैल के बाद ही बहाल करने का क्रम आरंभ होगा। दो वर्ष पूर्व बर्फबारी और हिमखंड गिरने से विभागीय मशीनरी भी दब चुकी है। -मोहिंद्र ठाकुर, सहायक अभियंता लोक निर्माण विभाग मंडल पांगी।