सिहुंता में सड़क किनारें झुंड बनाकर बैठे लावारिस पशु:
सिहुंता (चंबा) । पहले जहां खेतों में गेहूं और धान की फसलें लहलहाती थीं, आज वहां सन्नाटा पसरा है। सिहुंता क्षेत्र में लावारिस पशु खेतों में किसानों की फसलें बर्बाद कर रहे हैं और कई किसान इस बार बिजाई तक नहीं कर पाए। सड़कों पर लावारिस पशुओं से हादसों का डर है जबकि खेतों में किसानों की मेहनत पर पानी फिर रहा है। किसानों की मानें तो खेतों की रखवाली करना मुश्किल है। दिन को दिहाड़ी लगाते हैं तो रात को खेतों में जागकर फसल की रखवाली करते हैं। जिससे मेहनत और समय दोनों व्यर्थ जा रहे हैं। क्षेत्र के करीब 100 किसानों ने तो बिजाई छोड़ ही दी है, क्योंकि महंगा बीज और इतनी मेहनत बर्बाद होने से किसान चिंतित है। एसडीएम पारस अग्रवाल ने बताया कि मामला ध्यान में है। क्षेत्र में लावारिस पशुओं को सुरक्षित जगह पर रखने के लिए उचित कदम उठाए जा रहे हैं। जल्द ही समाधान करवा दिया जाएगा।
न जाने लावारिस पशुओं का इतना झुंड कहां से आता है। हर दिन लावारिस पशुओं की संख्या बढ़ती जा रही है। एक तरफ से भगाते हैं तो दूसरी तरफ से आ जाते हैं।
-कमलदीन, किसान
सड़कों पर पूरा दिन लावारिस पशु बैठे रहते हैं। जिससे एक तरफ जाम की समस्या रहती है तो दूसरा घायल रहने का भी भय रहता है।
- करनैल सिंह, किसान
कई बार तो लावारिस पशु मारने के लिए राहगीरों के पीछे दौड़ते हैं। लोगों से ज्यादा तो यहां लावारिस पशु इकट्ठा हो गए है। परेशानी बहुत बढ़ रही है।
-सुरेंद्र कुमार, किसान
जिले में सिहुंता सहित आसपास इलाकों में ही फसलें अधिक होती है। लावारिस पशु चंद मिनट में फसल चट कर जाते हैं। इन दिनों तो लावारिस पशु और बढ़ चुके हैं।
-बलजीत सिंह, किसान