चंबा। जिले में मूसलाधार बारिश ने लोगों की दुश्वारियों को बढ़ा दिया है। बारिश के चलते चुराह उपमंडल के चांजू में एक मकान क्षतिग्रस्त हो गया जबकि चंबा-तीसा मार्ग पर रखालू माता मंदिर के पास 12 मीटर सड़क का हिस्सा क्षतिग्रस्त होने से 43 पंचायतों का मुख्यालय के साथ संपर्क कट गया। भरमौर-पठानकोट हाईवे समेत 77 सड़कों पर वाहनों की रफ्तार थमने से लोगों की मुसीबतें बढ़ गई हैं। लोगों सहित स्कूली बच्चों को भी स्कूलों तक पहुंचने के लिए मंगलवार को अधिकांश सफर पैदल ही तय करना पड़ा। बारिश और आसमानी गर्जना के साथ जिले में 213 ट्रांसफार्मर खराब होने से 639 गांवों में अंधेरा पसरा हुआ है। बिजली बंद होने से ग्रामीण ठंड में ठिठुरने के लिए मजबूर हैं।
मूसलाधार बारिश से चंबा-तीसा मार्ग पर रखालू माता मंदिर के पास सड़क का 12 मीटर सड़क धंस गई। इसकी वजह से चुराह उपमंडल की 41 पंचायतों सनवाल, झज्जाकोठी, देहग्रा,शलेलाबाडी, थनेईकोठी, कुठेड़ बदौरा, हरतवास, सेईकोठी, मंगली, बौदेडी-जुनास-गुईला-सत्यास, शिरी, बैरागढ़, घुलेई, टेपा, देवीकोठी, गुवाडी- खुशनगरी, पधर, भंजराडू, खजुआ, जुगरा, बिहाली तीसा-1, तीसा-2 नेरा, लेसुई, गंडफरी, भराडा़, टिकरीगढ-देहरोग, चांजू-चरडा़, बगेईगढ़, देहरा, जसौरगढ़-दिलोला डौरी, थल्ली (चिल्ली शतेवा) थनेईकोठी का जिला मुख्यालय चंबा से संपर्क पूरी तरह से कट गया है। सूचना मिलने के बाद विभागीय टीमें और मशीनरी मौके पर पहुंची। विभागीय टीमों ने मार्ग को बहाल करवाने के लिए कोशिश की लेकिन मेहनत पर आखिरकार मूसलाधार बारिश ने पानी फेर दिया। बारिश के बाद भूस्खलन से मार्ग बार-बार यातायात के लिए बंद पड़ गया। विभागीय अधिकारी आगामी एक या दो दिनों के भीतर तक मार्ग को यातायात के लिए सुचारु करवाने का दावा कर रहे हैं। वहीं, भरमौर-पठानकोट राष्ट्रीय उच्च मार्ग जगह-जगह भूस्खलन के कारण छह घंटे के करीब वाहनों के लिए बंद रहा। हाईवे पर रफ्तार बंद होने से लोगों को वाहनों की अदला-बदली कर ही अपने गंतव्यों तक पहुंचना पड़ा। मंगलवार दोपहर बाद ही हाईवे वाहनों के लिए बहाल हो पाया। सोमवार को जिले में 107 सड़कों पर वाहनों रफ्तार थम गई। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची विभागीय टीमों और लेबर ने देर शाम तक 30 सड़कों को बहाल करवाया जबकि, 77 सड़कों को यातायात के लिए बहाल करवाने के लिए बुधवार को एक बार फिर से कार्य आरंभ करवाया जाएगा। मौसम के बदलते तेवरों के चलते 33 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित होने से लोगों की दुश्वारियां बढ़ी हैं।
बर्फबारी और मूसलाधार बारिश से 619 ट्रांसफार्मर बंद पड़ गए। ट्रांसफार्मरों के बंद होने से लोगों को अंधेरे में ही पूरा दिन गुजारना पड़ा। विभागीय टीमों की ओर से देरशाम तक 406 ट्रांसफार्मरों को सुचारु करवाकर लोगों को राहत प्रदान की। बुधवार को अब 213 ट्रांसफार्मरों को सुचारु करने के बोर्ड कर्मी प्रयास करेंगे। सबसे अधिक पांगी में 78, तीसा में 45, डलहौजी 31, भटियात में 21, चंबा में 20, भरमौर में 10 और सलूणी में आठ ट्रांसफार्मर बंद हैं। बिजली आपूर्ति बंद होने से वार्षिक परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को काफी परेशानियों उठानी पड़ी।
उपायुक्त मुकेश रेपस्वाल ने बताया कि जिले में बर्फबारी और मूसलाधार बारिश के बाद पटरी से उतरी सेवाओं को सुचारु करने के लिए विभागीय टीमें डटी हुई हैं। उन्होंने लोगों से बेवजह नदी-नालों, खड्डों और नदी किनारे न जाने का परामर्श दिया है।
जनजातीय क्षेत्र में बर्फबारी के बाद का मनमोहक दृश्य। स्त्रोंत-संवाद।
जनजातीय क्षेत्र में बर्फबारी के बाद का मनमोहक दृश्य। स्त्रोंत-संवाद।