चंबा। मौसम की मार ने जिलावासियों की मुसीबतों को बढ़ा कर रख दिया है। कबायली क्षेत्र भरमौर की ऊपरी चोटियों में 5.08 सेंटीमीटर ताजा हिमपात हुआ है। वहीं निचले क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश के साथ हुए भूस्खलन से भरमौर-पठानकोट हाईवे लूणा के पास दस घंटे तक यातायात के लिए बाधित रहा। जिले में पांच सड़कों पर वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लगा रहा। इससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। वहीं जनजातीय क्षेत्र भरमौर में मूसलाधार बारिश से पेयजल योजना प्रभावित हो गई। इससे गांवों में पानी के लिए हाहाकार मच गया है। ग्रामीणों को पानी लाने के लिए मीलों का सफर तय कर प्राकृतिक जलस्रोतों का रुख करना पड़ा। कुल मिला कर मौसम की मार ने लोगों की दुश्वारियां बढ़ाने का काम किया है।
भरमौर-पठानकोट मार्ग पर लूणा के पास सोमवार देर रात 11:00 बजे भूस्खलन से हाईवे पर आवाजाही थम गई। वाहनों की आवाजाही थमने से लोगों को आवाजाही करने में परेशानियों का सामना करना पड़ा। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची हाईवे प्रबंधन की मशीनरी की ओर से मंगलवार सुबह 9:00 बजे हाईवे को यातायात के लिए बहाल करवाया जा सका। मार्ग बहाल होने से लोगों ने राहत की सांस ली। वहीं, भरमौर उपमंडल के तहत बन्नी मार्ग भी भूस्खलन से यातायात के लिए बाधित हो गया। कांड़ी-मिंदा संपर्क मार्ग पर भी वाहनों की आवाजाही बंद होने से लोगों को परेशानी हुई। मशीनरी की मदद से मार्ग को दोपहर बाद यातायात के लिए बहाल करवाया जा सका। इसके अलावा चंबा-जांघी, अलवास-किलाड़ और सलूणी-लंगेरा-भद्रवाह सड़कें पर भी पत्थरों और चट्टानें गिरने से यातायात बाधित रहे। इसके अलावा जिले के कई जगहों पर बीच-बीच में पत्थर और मलबा गिरने से भी यातायात काफी देर तक बाधित और बहाल होता रहा।
हाईवे प्रबंधन के अधिशासी अभियंता संजीव महाजन ने बताया कि लूणा के पास भारी भूस्खलन के चलते दस घंटे तक यातायात बाधित रहा। हाईवे पर टनों के हिसाब से मलबा और पत्थरों का गिरना इसकी वजह रहा। बहारहाल, हाईवे बहाल करवा दिया गया है।