सलूणी (चंबा)। चंबा-सलूणी मार्ग पर नौ घंटों के लिए बड़े वाहनों की आवाजाही थमी रही। धारगला के पास पहाड़ दरकने से सड़क पर गिरीं भारी भरकम चट्टानों के कारण यह नौबत पेश आई। खैर, सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची विभागीय मशीनरी और लेबर ने कड़ी मशक्कत के बाद दोपहर दो बजे चट्टानों को तोड़कर हटाया। इसके बाद ही बड़े वाहनों की आवाजाही शुरू हो पाई। सड़क के बड़े वाहनों के लिए बहाल होने के बाद ही यात्रियों और राहगीरों ने राहत की सांस ली।
गौरतलब है कि शुक्रवार सुबह पांच बजे धारगला के पास अचानक पहाड़ दरकने से टनों के हिसाब से मलबा और चट्टानें टूटकर सड़क पर आ गिरीं। गनीमत यह रही कि इस दौरान मार्ग से कोई वाहन नहीं गुजर रहा था अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। सड़क पर चट्टानें गिरने से वाहनों की आवाजाही पर ब्रेक लग गई। इससे सलूणी और किहार की तरफ रोजमर्रा की वस्तुएं जैसे दूूध, अंडा, ब्रेड, अखबार, सब्जियां आदि समय पर नहीं पहुंच पाए। मार्ग बंद होने से देखते ही देखते चंबा और सलूणी की ओर से सरकारी और निजी बसों की लंबी कतारें लग गईं। हालांकि सवारियों को सहूलियत देते हुए हिमाचल पथ परिवहन निगम प्रबंधन की ओर से सवारियों को बसों की अदला-बदली कर उनके गंतव्यों तक पहुंचाया गया। निजी बसों की सवारियों को अपने गंतव्यों तक पहुंचने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची विभागीय लेबर और मशीनरी ने मार्ग को बहाल करने का कार्य आरंभ कर दिया। दोपहर दो बजे के करीब मार्ग यातायात के लिए बहाल हो सका।
चंबा-सलूणी मार्ग पर सुबह 11:00 बजे के करीब लंगेरा से सवारियां लेकर चंबा आ रही निजी बस धारगला में पहुंची। चालक ने बस को मलबे और पत्थरों के ऊपर से पार करने का निर्णय लेते हुए बस को वहां से ले जाने की कोशिश की लेकि, पत्थरों के बीच में बस के पिछले टायर अचानक फंस गए। काफी मशक्कत करने के बाद भी बस के टायर न निकलने पर आखिरकार सवारियों को चालक ने बस से उतार दिया। इसके बाद लोक निर्माण विभाग की ओर से पत्थरों को तोड़कर बस को वहां से निकाला गया।
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता दीपक महाजन ने बताया कि पहाड़ी से चट्टानें गिरने से बाधित मार्ग को बहाल करवा दिया गया है।