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मक्की की बिजाई के एक महीने बाद करें गुड़ाई : डॉ. धीमान

Wed, 22 May 2024 10:46 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
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चंबा। जिले के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मक्की की बिजाई शुरू हो गई है। विभाग किसानों को मक्की की बिजाई करने के बारे में जागरूक कर रहा है।
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मक्की की बिजाई 15 अप्रैल के बाद शुरू हो जाती है। अन्य ऊंचे पर्वतीय क्षेत्रों में 10 मई के बाद बिजाई की जाती है। मध्य और निचले पर्वतीय क्षेत्रों में 20 मई से 5 जून तक तक मक्की की बिजाई की जा सकती है। कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ कुलदीप धीमान ने कहा कि किसान मक्की की भरपूर पैदावार लेने के लिए बिजाई के समय एक बीघा में 5 किलो यूरिया खाद और 15 किलो इफको डालें। इसके एक महीने के बाद गुड़ाई के साथ 5 किलो यूरिया खाद और उसके एक महीने बाद फिर से 5 किलो यूरिया खाद प्रति बीघा की दर से डालें। खरपतवार नियंत्रण के लिए मक्की की बिजाई के एक महीने के अंतराल में गुड़ाई करना आवश्यक है। जो किसान मक्की की फसल में गुड़ाई नहीं कर सकते हैं, वे खरपतवार के नियंत्रण के लिए बिजाई के 20- 25 दिन बाद टेंबोट्रिऑन नाम के खरपतवार नाशक का स्प्रे करें। मक्की के खेत में माह या राजमा की खेती कर रहे हैं तो खरपतवार नियंत्रण के लिए बिजाई के घंटे के अंदर पेंडीमेथालिन खरपतवार नाशक का स्प्रे करें। धीमान ने कहा कि सभी किसान मक्की का बीज कृषि विभाग के कार्यालयों में जा कर प्राप्त कर सकते हैं। चारे के लिए चरी बाजरा का बीज और बरसात में लगने वाली सब्जियों के बीज भी किसान कृषि विभाग से प्राप्त कर सकते हैं। कृषि विभाग की ओर से हाइब्रिड मक्की का बीज लाइसेंस धारक कृषि सहकारी सेवा समितियों के माध्यम से भी किसानों को उपलब्ध करवाया जा रहा है।
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