चंबा। पवित्र डलझील, कमलकुंड और धन्छौ के पानी की गुणवत्ता जांचने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने तीन सैंपल भरे हैं। मणिमहेश यात्रा के दौरान काफी संख्या में लंगर, अस्थायी दुकानें और लोगों की आवाजाही हो रही है।
ऐसे में पानी की गुणवत्ता पर कोई बुरा असर तो नहीं पड़ रहा है, इसको लेकर प्रदषिण नियंत्रण बोर्ड जांच करने में जुट गया है। यात्रा पर आने वाले श्रद्धालु तीनों स्थानों से पानी अपने घर के लिए लेकर जाते हैं। पीने के लिए भी इस पानी का इस्तेमाल किया जाता है। यात्रा के दौरान लंगर, अस्थायी दुकानों के साथ हजारों लोगों की आवाजाही से प्रदूषण भी फैल रहा है। ऐसे में पानी की गुणवत्ता जांचना भी आवश्यक है।
पानी के सैंपल लेने के साथ बोर्ड की टीम ने मणिमहेश यात्रा के दौरान प्रतिबंधित प्लास्टिक का इस्तेमाल करने पर छह दुकानदारों को 3000 रुपये जुर्माना किया है। टीम ने सहायक अभियंता राहुल शर्मा की अगुवाई में गौरीकुंड और डलझील सहित अन्य पड़ावों में अस्थायी दुकानों का निरीक्षण किया। छह दुकानों में प्रतिबंधित और सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल किया जा रहा था। टीम ने छह दुकानदारों के चालान काटे और तीन हजार रुपये जुर्माना वसूला। टीम ने डलझील से हड़सर तक विभिन्न पड़ाव पर लगीं अस्थायी दुकानों और लंगर स्थानों का निरीक्षण भी किया। कूड़े के निस्तारण को लेकर दिशा-निर्देश दिए गए।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सहायक अभियंता राहुल शर्मा ने बताया कि डलझील, कमलकुंड और धन्छौ में पानी के सैंपल भरे गए हैं। लैब में पानी की गुणवत्ता की जांच की जाएगी। प्रतिबंधित प्लास्टिक का इस्तेमाल करने पर छह दुकानदारों को 3000 रुपये जुर्माना किया गया है।