तीसा (चंबा)। चुराह उपमंडल के टेपा, बैरागढ़, खुशनगरी, पधर, सतियास, सीरी, झझाकोठी के बर्फबारी बहुल क्षेत्रों में कड़ाके की सर्दियों में तापमान माइनस 20 डिग्री से नीचे जाने पर भी पानी के पाइप जमने से पेयजल आपूर्ति ठप नहीं होगी।
जल जीवन मिशन के तहत 5 करोड़ 4 लाख बजट से एंटी फ्रीजिंग पेयजल योजना तैयार होगी। योजना के तहत बिछने वाले पाइप के अंदर हीटिंग केबल लगेंगी, जो पानी को बर्फ में तबदील नहीं होने देगी।
ऐसे में सर्दियों में बर्फ को पिघलाकर पेयजल के लिए इस्तेमाल करने में क्षेत्रों के 5 हजार की आबादी को जल्द छुटकारा मिलने वाला है। जलशक्ति विभाग के मंडल चुराह की ओर से योजना संबंधी डीपीआर तैयार करवा कर एनुअल अप्रूवल के लिए निदेशालय भेजी है। डीपीआर को अंतिम स्वीकृति मिलने पर विभाग समस्त औपचारिकताएं पूरा कर धरातल पर योजना को उतारेगा।
यूरोपीय देशों में इस्तेमाल होने वाली इस आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल जलजीवन मिशन के तहत हिमाचल समेत अन्य राज्यों में पहली बार हो रहा है। टेपा, बैरागढ़, खुशनगरी, पधर, सतियास, सीरी, झझाकोठी क्षेत्रों में सात पंचायतों के लिए एंट्री फ्रीजिंग पेयजल परियोजना के तहत चुना गया है। इस पेयजल परियोजना में पहली बार थ्री लेयर एचडीपी तीन परत वाले पाइप के उच्च गुणवत्ता वाले पाइपों का इस्तेमाल होगा। एक परत थर्मोकोल की होगी। पाइप की बाहरी परत उच्च पीवीसी की होगी। खास बात यह है कि सबसे अंदर की परत में हीटिंग केबल होगी, जो बिजली से चलेगी, बिजली का कनेक्शन उस उपभोक्ता से लिया जाएगा। इसके लिए पाइप लाइन बिछ रही हो। जल उपचार संयंत्र को भी गर्म रखने की व्यवस्था होगी। बता दें कि अकसर सर्दियों और बर्फबारी के दौरान क्षेत्र में पेयजल लाइनें पूरी तरह से जाम हो जाती रही हैं। पेयजल पाइपें जाम होने पर ग्रामीणों को बर्फ पिघलाकर उपयोग करना पड़ता है। लिहाजा, अब यदि यह कवायद सफल रही तो बर्फबारी वाले क्षेत्रों में इस तकनीक का इस्तेमाल करके सर्दियों में पानी की विकराल समस्या को दूर किया जा सकता है।
उधर, जलशक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता विनय डोगरा ने बताया कि टेपा, बैरागढ़, खुशनगरी, पधर, सतियास, सीरी, झझाकोठी पंचायतों के लिए जल जीवन मिशन के तहत पांच करोड़ चार लाख के बजट से एंट्री फ्रीजिंग पेयजल परियोजना स्थापित होगी। इसकी विशेषता ये रहेगी कि सर्दियों और बर्फबारी के दौरान भी पेयजल लाइनें जाम नहीं हो सकेंगी।