चंबा। क्रिकेट वर्ल्ड कप का जुनून क्रिकेट प्रेमियों के सिर पर खूब चढ़कर बोला, लेकिन टीम इंडिया की हार से युवाओं को मायूसी ही हाथ लगी। पर्यटन नगरी डलहौजी के होटल माउंटव्यू में पर्यटकों को मैच देखने के लिए बड़ी स्क्रीन लगाई गई थी।
वहीं, युवा मोबाइल, लैपटॉप और एलईडी पर ही फाइनल मैच का रोमांच देखते नजर आए। भारतीय पारी की शुरुआत में तो युवा जोश से भरे दिखे, लेकिन विकेट गिरने के साथ उनके चेहरों पर मायूसी छा गई। एक-दूसरे के साथ टीम के प्रदर्शन को लेकर भी चर्चा करते दिखे। पहले तो सभी यही दावा कर रहे थे कि टीम इंडिया 350 से ऊपर का लक्ष्य ऑस्ट्रेलिया की टीम को देगी, लेकिन जैसे-जैसे विकेट गिरते गए तो युवा भी स्कोर 300 के आसपास पहुंचने की दुआ करते रहे। ऑस्ट्रेलिया की पारी के दौरान जब शुरुआती झटके लगे तो युवा भी खुशी से झूम उठे, लेकिन जैसे ही पार्टनरशिप आगे बढ़ती गई, युवाओं के चेहरों पर निराशा छाने लगी।
भारतीय क्रिकेट टीम अच्छा खेली, अगर गेंदबाज थोड़ा सा और जोर लगाते तो वर्ल्ड कप टीम इंडिया जीत सकती थी। भारतीय टीम की हार से निराशा हुई है। बल्लेबाजी में रोहित शर्मा को छोड़कर अन्य खिलाड़ी रन जुटाने में कशमकश करते ही दिखे। - हितेश चौणा
क्रिकेट मैच के फाइनल देखने के लिए अपने दोस्त के जन्मदिन की पार्टी में जाना छोड़ दिया, लेकिन निराशा ही हाथ लगी। ऑस्ट्रेलिया की टीम बहुत अच्छा खेली। टीम इंडिया अगर 300 से अधिक का लक्ष्य बनाती तो भारत विश्व विजेता बन जाता। - सतीश चौणा
तेज गेंदबाजों ने शुरुआती ओवरों में तो कंगारुओं को झटके दिए, लेकिन इसके बाद स्पिनर कुछ खास कमाल नहीं कर पाए। पूरी उम्मीद थी कि भारतीय टीम विश्व विजेता बनेगी, लेकिन ट्रेविस हेड ने उम्मीदों पर पानी फेर दिया। - राजेंद्र कुमार
चाहते थे कि भारतीय टीम हर हाल में यह वर्ल्ड कप जीत लेती, लेकिन ऑस्ट्रेलिया ने शानदार खेल दिखाया। कंगारुओं ने मैच में शुरु से ही पकड़ बना ली थी। ऑस्ट्रेलिया की टीम पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरी थी। यवी वजह रही कि टीम ने टॉस जीतकर पहले भारत को बल्लेबाजी दी। - रिजवान
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चंबा में भारत-ऑस्ट्रेलिया फाईनल मैच को देखते युवा।संवाद