चंबा के सत्संग भवन मुगला में सत्संग सुनते अनुयायी।संवाद
चंबा। संत निरंकारी सत्संग भवन मुगला में रविवार को सत्संग आरती वंदना से शुरू हुआ। इस दौरान महात्मा भीमराज वर्धन ने कहा कि संत हमेशा दीवार रहित संसार की कल्पना करता है। नफरत, ईर्ष्या, द्वैष और अहम की दीवारों का वजूद बाहर नहीं, हमारे अंदर ही है, हमारी सोच में है। ये दीवारें मानव को मानव से दूर करती जा रही हैं। जैसे घर के अंदर कोई सुई खो गई है तो उसे वहीं ढूंढना पड़ेगा। अगर घर में अंधेरा है और बाहर उजाला है तो वह सुई घर के बाहर ढूंढने पर नहीं मिलेगी। मीडिया प्रबंधक विनोद कुमार ने बताया कि सत्संग में राख, जांघी, मैहला,धरवाला, जडेरा, साहो और मंगला आदि गांवों से आए महात्माओं ने अपने-अपने विचारों रखे और भजनों से संगत को निहाल किया।