डॉक्टर और रिश्तेदारों के आश्वासन देने के बाद दूर हुई चिंता
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। पिकअप दुर्घटना में घायल ललित कुमार की माता जैसे ही आपातकालीन कक्ष में पहुंचीं तो बेटे को खून से लथपथ देखकर गश खाकर नीचे गिर पड़ीं।
रिश्तेदारों ने उन्हें संभाला और ढांढस बंधाया। बेटे की सलामती की चिंता उनके दिमाग में इस कद्र बैठ गई कि उनकी तबीयत भी खराब होने लगी। उन्हें बिस्तर पर लेटाया और अन्य रिश्तेदार महिलाएं उनके हाथ-पांव की मालिश करने लगीं। डॉक्टर उनकी जांच करने के लिए पहुंच गए। उन्होंने जांच के साथ उन्हें दिलासा दिया कि उनका बेटा ठीक है। वह बेकार में चिंता कर रही हैं। वह अपनी सेहत का ध्यान रखें। डॉक्टर के आश्वासन देने के बाद उनकी जान में जान आई। कुछ देर के बाद परिजन उन्हें आपातकालीन कक्ष के बाहर ले गए।