भूस्खलन से दो मंजिला मकान क्षतिग्रस्त, 12 घंटे बंद रहा भरमौर-पठानकोट हाईवे
धरवाला के पास धंसी सड़क, चंबा-तीसा मार्ग पर 15 घंटे तक बंद रही वाहनों की आवाजाही
चंबा में मूसलाधार बारिश से भारी नुकसान, सुंडला-बनीखेत मार्ग पर भी पहाड़ी से गिरे मलबा-पत्थर
जिले में 786 गांवों में बिजली गुल होने से पसरा अंधेरा, व्यवस्था सुचारु करने में जुटीं टीमें
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। भरमौर-पठानकोट नेशनल हाईवे पर धरवाला के पास सड़क धंस गई है। इस कारण हाईवे पर 12 घंटे तक बड़े वाहनों की आवाजाही बंद रही। इस दौरान छोटे वाहनों की आवाजाही जारी रही। हाईवे पर दुर्गेठी, खड़ामुख और लोथलघार के पास भी भूस्खलन हुआ। वहीं, चंबा-तीसा मार्ग पंगोला नाला में 50 मीटर सड़क का हिस्सा जमींदोज होने से 15 घंटे तक बंद रहा। उधर, सुंडला-बनीखेत मार्ग शनिवार सुबह 10:00 बजे सलंदरी पुल के पास पहाड़ी दरकने से बंद रहा। पहाड़ी से गिरे पत्थर और मलबा डैम में समाते नजर आए। सूचना मिलने के बाद लोक निर्माण विभाग की टीम ने मार्ग को बहाल करवाने का कार्य शुरू किया और दोपहर 12:00 बजे वाहनों की आवाजाही बहाल करवाई। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची विभागीय टीम ने पहाड़ी को काटकर वैकल्पिक रास्ता बनाकर चालकों को दोपहर बाद राहत प्रदान की। जिले में बारिश और बर्फबारी के कारण 786 गांवों में अंधेरा है। शनिवार दिन भर विभागीय टीमें व्यवस्था को सुचारू करने में जुटी रहीं।
जनजातीय क्षेत्र भरमौर में रूहणूकोठी के सामरा गांव में भूस्खलन की चपेट में आने से दो मंजिला मकान क्षतिग्रस्त हो गया। चार फलदार पेड़ भी ढह गए हैं। गनीमत रही कि चूहडू राम पुत्र महाजन के परिवार के सदस्य घर से बाहर थे, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। ग्रामीणों की सूचना पर पंचायत प्रधान ने मौके का जायजा लिया। उपमंडल अधिकारी भरमौर और पटवारी को सूचित किया। पंचायत प्रधान शुभकरण ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता देने की मांग उठाई है। पांगी में 78, डलहौजी 58, तीसा 49, चंबा में 39, भरमौर 19, भटियात 10 और सलूणी में 3 ट्रांसफार्मर बंद होने से 786 गांवों में अंधेरा पसरा है।