चंबा। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला मैहला में आयोजित युवा संसद कार्यक्रम में सिर्फ दो ही स्कूलों ने ही भाग लिया। इस खंड के तहत करीब 06 स्कूल आते हैं।
ऐसे में महज दो स्कूलों का ही इस कार्यक्रम में भाग लेना औपचारिकता बन गया है। स्कूल प्रबंधन की ओर से इसे स्थगित किया जा सकता था, मगर स्कूल प्रबंधन ने ऐसा नहीं किया। बहरहाल, स्कूल प्रबंधन ने इस कार्यक्रम को आयोजित कर महज औपचारिकता निभाना जाहिर हो रहा है।
जानकारी के अनुसार युवा संसद कार्यक्रम में ब्लॉक के तहत आते सभी सीनियर सेकेंडरी स्कूलों को भाग लेना होता है, मगर मैहला में आयोजित युवा संसद कार्यक्रम में महज दो स्कूलों का ही भाग लेना सवालिया निशान उठा गया है। दो स्कूलों की भागीदारी में ही स्कूल प्रबंधन की ओर से प्रतियोगिता का आयोजन कर दिया गया है। इसमें मेजबान स्कूल खुद विजेता बन गया तो दूसरा स्कूल उपविजेता बन गया। गौरतलब है कि युवा संसद कार्यक्रम के तहत विद्यार्थी नेतागणों की भूमिका निभाते हैं। इसमें सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बहस होती है। इसके आयोजन का मकसद विद्यार्थियों को संसद की कार्यवाही और कार्यप्रणाली बारे अवगत करवाना रहता है।
मेजबान स्कूल प्रधानाचार्य रंजना शर्मा ने कहा कि दो स्कूलों ने ही भाग लिया है। अन्य स्कूलों ने परीक्षाएं तो अन्य कारण भाग न लेने के लिए बताए हैं।
उच्च शिक्षा उपनिदेशक चंबा प्यार सिंह चाढ़क ने कहा कि यह मामला ध्यान में है। कम उपस्थिति के बारे में मेजबान स्कूल से जवाब तलब किया जाएगा। साथ जिन स्कूलों ने भाग नहीं लिया है, उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।