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गोलाबारी के बीच बिना कुछ खाए बिताए दो दिन

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गोलाबारी के बीच बिना कुछ खाए बिताए दो दिन
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खारकीव से रोमानिया के लिए निकलीं अपराजिता ने बयां किया हाल
कहा-खारकीव से रोमानिया के वसूले गए 45 हजार रुपये
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। यूक्रेन के खारकीव शहर से रूसी सेना की ताबड़तोड़ बमबारी के बीच ढाई सौ एमबीबीएस प्रशिक्षुओं का काफिला बसों में सवार होकर वीरवार को रोमानिया बॉर्डर के लिए रवाना हुआ है। खारकीव से 1283.8 किलोमीटर के लंबे रास्ते को तय करने में कई विकट परिस्थितियां सामने आ रही हैं। खारकीव सेे रोमानिया बॉर्डर तक बस में पहुंचाने के लिए प्रति प्रशिक्षु 500 डालर (भारतीय राशि के अनुसार 45 हजार रुपये) लिए गए। परिजनों से व्हाइट्सएप कॉल के जरिये परिजनों से अपराजिता शर्मा ने यह जानकारी साझा की। अपराजिता के पिता हितेश शर्मा को उनकी बेटी अपराजिता ने बताया कि खारकीव शहर में रूसी आक्रमण के कारण दूरसंचार सेवाएं, एटीएम सुविधा, मॉल और दुकानें बंद पड़ी हुई हैं। गोलाबारी के कारण वे हॉस्टलों में रहने को मजबूर रहे। युद्ध से पनपे हालातों को देख कर उन्होंने जो राशन और सामान खरीद कर रखा था, वह मंगलवार को खत्म हो गया। चारों तरफ से बरस रही मौत के बीच उन्होंने दो दिन बिना कुछ खाए ही बिताए। यूक्रेन एंबेसी की ओर से प्रशिक्षुओं को रोमानिया बॉर्डर तक पहुंचने का संदेश दिया गया। वीरवार को वे खारकीव से रोमानिया बॉर्डर के लिए रवाना हुए हैं। कहा कि रास्ते में जगह-जगह सड़कें उखड़ चुकी हैं। वाहनों का लंबा जाम लगा हुआ है। बताया कि शनिवार शाम तक रोमानिया बॉर्डर पहुंचने की उन्हें उम्मीद है, जहां से हवाई उड़ान की व्यवस्था की उम्मीद है। खारकीव में उत्पन्न हुए हालातों के बारे में सुनकर परिजनों की चिंताएं और बढ़ गई हैं। परिजन बेटी सहित यूक्रेन के विभिन्न शहरों में फंसे भारतीय प्रशिक्षुओं के सकुशल घर पहुंचने की कामना कर रहे हैं।
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