चंबा में कागज के बैग बनाती स्वयं सहायता समूह की महिलाएं।संवाद
चंबा। कागज से थैले बनाना सीखकर अनुराधा 35 महिलाओं को भी प्रशिक्षण दे रही हैं। स्वयं सहायता समूह से जुड़कर ये महिलाएं पालिथीन बैग की जगह कागजों से लिफाफों को ज्यादा तवज्जो दे रही हैं।
उनका कहना है कि प्रदेश में पालिथीन के प्रयोग पर रोक है, लेकिन फिर भी कुछ लोग इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कागज के थैले पालिथीन का बेहतर विकल्प हो सकते हैं। उन्होंने लोगों से भी कागज के थैलों का इस्तेमाल करने की अपील की है। अनुराधा ने कहा कि उन्होंने शादी के कार्ड बनाने का भी प्रशिक्षण लिया है। इसके लिए उनके पास काफी मांग आती है। अब वह और महिलाओं को भी इसका प्रशिक्षण दे रही हैं। अपना खुद का रोजगार शुरू कर महिलाएं काफी गर्व महसूस कर रही हैं। अनुराधा ने अपने घर पर ही प्रशिक्षण सेंटर खोला है। महिलाएं रंग-बिरंगे डिजाइनर कागज के बैग बना रही है। यह बाजार में भी खूब बिकता है। इसके साथ ही शादी के कार्ड भी खुद तैयार कर रही हैं। इससे पहले भी महिलाओं ने गद्दी ड्रेस, चंबा रुमाल, चीड़ के पत्ते से टोकरी बनाने का प्रशिक्षण लिया है। इसके बाद उन्होंने स्वरोजगार शुरू किया है।