चंबा में पकड़ी गई लकड़ी के आरोपियों के साथ वन विभाग की टीम।संवाद
चंबा। मेपल (मंदर) पेड़ की 163 गांठों को सिल्लाघ्राट से सहारनपुर में मालवाहक वाहन में लेकर ठिकाने लगाने जा रहे दो नेपाली और एक स्थानीय व्यक्ति को वन विभाग की टीम ने धरा है। चंबा-साहो मार्ग पर लुडेरा स्थित वन विभाग की चेकपोस्ट पर टीम ने यह कार्रवाई की है। वन विभाग की टीम ने तीनों आरोपियों समेत वाहन को भी अपने कब्जे में ले लिया है। पकड़े गए नेपालियों की पहचान 21 वर्षीय टेक बहादुर पुत्र धर्मजीत निवासी लाहौल-स्पिति और 55 वर्षीय पृथ्वी सिंह पुत्र केलू निवासी हूमला नेपाल और 47 वर्षीय संजय कुमार निवासी चंबा के रूप में हुई है। बेशकीमती मेपल (मंदर) की गांठों की कालाबाजारी को लेकर बहुत बड़ा गिरोह होने की विभागीय अधिकारी कयास लगा रहे हैं। ये गिरोह हिमाचल के कुल्लू, रोहडू और सहारनपुर तक फैला हो सकता है।
जानकारी के मुताबिक सोमवार की रात लुड़ेरा चेकपोस्ट पर गुप्त सूचना के आधार पर वन विभाग की टीम ने वन परिक्षेत्र अधिकारी मनोज ठाकुर, वन खंड अधिकारी सुरेश कुमार, वन रक्षक चैन सिंह, रोहित कुमार और वन कर्मी बलदेव ने नाका लगाया। नाके के दौरान टीम हर वाहन की गहनता से तलाशी करती रही। इतने में एक माल वाहक वाहन सिल्लाघ्राट से वहां पहुंचा। टीम ने शक के आधार पर उसे रोका। इस दौरान वाहन में सवार टेक बहादुर, पृथ्वी सिंह और संजय कुमार सवार थे। शक के आधार पर टीम ने वाहन की तलाशी ली। तलाशी के दौरान वाहन से 163 मेपल (मंदर) की गांठें बरामद हुईं। पुलिस ने दोनों से मेपल की गांठों संबंधी दस्तावेज मांगे लेकिन, वे टाल-मटोल करने लगे। इसके बाद टीम ने दोनों के खिलाफ वन्य अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया। मंगलवार दोपहर बाद कागजी कार्यवाही के उपरांत दोनों को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। सूत्र खुलासा करते हैं कि स्थानीय लोगों की मिलीभगत से मेपल (मंदर) की गांठों की कालाबाजारी चल रही है।
वन विभाग के एसीएफ अभिलाष दामोदर ने खबर की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि मेपल (मंदर) पेड़ की गांठों के साथ दो नेपाली समेत एक स्थानीय व्यक्ति को पकड़ने में वन विभाग की टीम को सफलता मिली है। बताया कि स्थानीय लोगों की मिलीभगत से वे इस काम को अंजाम दे रहे हैं। बताया कि इनका गिरोह हिमाचल के रोहडू और कुल्लू तक फैला हुआ है। बताया कि जांच में अभी और भी गिरोह के लोग दबोचे जा सकते हैं।