प्री प्राइमरी से 12वीं तक एक ही निदेशालय का विरोध
कहा, शिक्षा की गुणवत्ता पर पड़ेगा विपरीत असर
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। हिमाचल प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ चंबा के पदाधिकारियों ने प्री प्राइमरी से बारहवीं कक्षा तक एक ही निदेशालय का विरोध किया है। संघ का कहना है कि इससे शिक्षा की गुणवत्ता पर असर पड़ेगा। संघ की वर्चुअल बैठक की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष पुनीत निराला ने की। इसमें सभी खंडों के पदाधिकारी और सदस्य ऑनलाइन माध्यम से जुड़े। बैठक का संचालन जिला महासचिव देवराज ठाकुर ने किया। इस दौरान प्री प्राइमरी से 12वीं तक एक ही निदेशालय बनाए जाने विरोध किया। संगठन ने मांग की है कि प्री प्राइमरी से लेकर पांचवीं कक्षा तक अलग से निदेशालय बनाया जाए। एक निदेशालय बनाने से शिक्षा की गुणवत्ता पर असर पड़ेगा और प्राथमिक शिक्षकों की पदोन्नति भी प्रभावित होगी। नई शिक्षा नीति में भी इसी प्रकार कक्षाओं को बांटा गया है। संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि प्राथमिक अध्यापकों के मुख्य शिक्षक, केंद्रीय मुख्य शिक्षक एवं खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी की पदोन्नति से किसी प्रकार की भी छेड़छाड़ न की जाए। बैठक में विभाग से मांग की है कि पाठशाला में युक्तिकरण के समय इन बच्चों को भी नामांकन में जोड़ा जाए। वहीं, प्री-प्राइमरी के बच्चों को पढ़ने के लिए शीघ्र अध्यापकों की नियुक्ति की जाए। इसके अलावा प्रत्येक स्कूल में कम से कम दो और जो स्कूल एक्सीलेंस बनाए गए हैं, उनमें पांच अध्यापक तैनात करने की मांग की गई है। बैठक में महिला विंग अध्यक्ष इंदु ठाकुर, खंड अध्यक्ष गजेंद्र ठाकुर, रविकांत अनिल सान्याल, टेक सिंह राणा, अनिल शर्मा आदि मौजूद रहे।