चंबा। चंबा बस अड्डे में बस रूटों की समयसारिणी नहीं लगाई गई है। इससे सवारियों को बसों के जाने और आने के समय का पता नहीं चल रहा है।
निजी और परिवहन निगम की बसों की समयसारिणी का बोर्ड न होने के कारण जहां यात्रियों को दिक्कतें हो रही हैं, वहीं बसों के समय को लेकर निजी और सरकारी बस चालकों-परिचालकों में विवाद भी होता रहता है। हालांकि, सरकारी बसों के कुछ रूटों की समयसारिणी एलसीडी पर लगाई गई है, लेकिन पूरे रूटों की समयसारिणी का बोर्ड नहीं है। निजी बसों के रूटों की समयसारिणी भी नहीं है। इस वजह से कई बार बसें समय पर अपने गंतव्यों के लिए रवाना नहीं हो पाती हैं। नए बस अड्डे का निर्माण हुए सात वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन यहां पूरे रूटों की समयसारिणी का बोर्ड नहीं लगाया गया है।
जिले में वर्तमान में 200 रूटों पर एचआरटीसी और 132 रूटों से अधिक निजी बसें दौड़ रही हैं। समयसारिणी का बोर्ड न होने से यात्रियों को काउंटर पर बसों के समय के बारे में पूछताछ करनी पड़ती है। चालक यूनियन के प्रधान हेम राज ने कहा कि कुछ रूटों की समयसारिणी एलसीडी पर लगाई है। पूरे रूटों का बोर्ड नहीं लगा है। इससे निजी और सरकारी बस चालकों में भी विवाद होता है। लोगों में मदन लाल, किशोरी लाल, जगदीश कुमार, मीना कुमार, सरला देवी, सुषमा देवी ने कहा कि रूटों पर कब बसें चलती हैं, इस बारे में जानकारी नहीं होती। अगर बोर्ड लगा हो तो उन्हें परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। लोगों ने आरएम चंबा से मांग की है कि बसों की समयसारिणी का बोर्ड लगाया जाए। उधर, एचआरटीसी के क्षेत्रीय प्रबंधक शुगल सिंह ने बताया कि कुछ रूटों की समयसारिणी एलसीडी पर लगाई है। शेष रूटों की समयसारिणी के लिए उचित प्रयास किए जाएंगे।