जंगल में मिलने वाले पेड़ों के ठूंठ से होगा आरोपी के घर से मिली लकड़ी का मिलान
धतरूंड जंगल में अवैध कटान के मामले में सभी पेड़ों की जांच करेगी वन विभाग की टीम
आरोपी के घर से बरामद हुई हैं देवदार की लकड़ी से बने दरवाजे-खिड़कियां और कड़ियां
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। देवदार के पेड़ों के अवैध कटान के मामले में वन विभाग की टीम ने धतरूंड जंगल में दस्तक दे दी है। यह टीम आरोपी के घर से बरामद की गई लकड़ी का जंगल में मिलने वाले ठूंठ से मिलान करेगी। यदि पेड़ों के ठूंठ और लकड़ी का मिलान हो जाता है तो आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी। वन विभाग की टीम ने दो दिन पहले एक व्यक्ति के घर पर दबिश देकर देवदार की लकड़ी पकड़ी है। आरोपी दरवाजे-खिड़कियां और अन्य फर्नीचर बनाकर बेचता था। यह काम रात के अंधेरे में किया जाता था। शक होने पर संबंधित वन बीट के वन रक्षक ने आरोपी के घर में रेकी की। आरोपी देर रात 12 बजे आरा मशीन चलाकर लकड़ी की कड़ियां निकाल रहा था। वन रक्षक ने इसकी सूचना वन खंड अधिकारी को दी। इसके बाद विभाग की टीम ने अगले दिन आरोपी के घर में दबिश दी। इस दौरान आरोपी के सभी कमरों से देवदार की लकड़ी से बने दरवाजे-खिड़कियों सहित अन्य फर्नीचर बरामद किया गया। इस लकड़ी की कीमत लाखों में बताई जा रही है। पूछताछ में आरोपी पहले तो बहस करने लगा, लेकिन जब विभाग ने कमरे की तलाशी ली तो भारी मात्रा में लकड़ी बरामद की गई। आरोपी जंगल से अवैध रूप से कटान करने की बात नहीं मान रहा है। ऐसे में अब विभाग ने धतरूंड जंगल में सभी पेड़ों की जांच शुरू कर दी है। इसमें जो भी पेड़ कटे हुए मिलेंगे, उसके ठूंठ की लकड़ी और आरोपी के घर पर मिली लकड़ी से मिलान किया जाएगा। यदि दोनों का मिलान होता है तो आरोपी के खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी। वन खंड अधिकारी की अगुवाई में वन रक्षक नेक सिंह, लेख राज और सादा खान की टीम मामले में जांच कर रही है। शनिवार से टीम ने जांच शुरू कर दी है। जंगल में सभी पेडों की जांच करने में दो से तीन दिन लग सकते हैं। उधर, वन मंडल अधिकारी सुशील कुमार ने बताया कि धतरूंड जंगल में अवैध कटान की जांच करने के लिए टीम मुस्तैदी से कार्य कर रही है। जांच पूरी होने के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।