मुगला में बही ज्ञान की धारा
चंबा। संत निरंकारी सत्संग भवन मुगला में महात्मा अनिल शर्मा की अध्यक्षता में साप्ताहिक सत्संग का आयोजन किया गया। सत्संग का शुभारंभ आरती वंदना से हुआ। इस मौके पर दूरदराज के गांवों-कस्बों से आए सैकड़ों श्रद्धालुओं ने उपस्थिति दर्ज करवाई। साहो, जडेरा, राख, जांघी, मैहला, मंगला आदि क्षेत्रों से आए संत-महात्माओं ने सद्गुरु सुदीक्षा महाराज की शिक्षाओं को अपने विचारों और भजनों से व्यक्त किया। महात्मा अनिल शर्मा ने कहा कि निराकार परब्रह्म जहां सृष्टि के कण-कण में व्याप्त है। संपूर्ण दृष्यमान सृष्टि माया है, जो परिवर्तनशील है। इस पंच भौतिक सृष्टि के परिवर्तित होने पर भी जो अस्तित्व सदैव स्थायी, स्थिर और एक रस है, वहीं निराकार परब्रह्म है। संवाद