करोड़ों खर्च कर चौड़ा किया मार्ग, नहीं बनाई नाली
बारिश होने पर सड़क पर बहता है पानी, बन जाते हैं सड़क पर पानी के तालाब
पैदल चलने वाले राहगीरों से लेकर दो पहिया वाहन चालक हो रहे हैं परेशान
मार्ग को चौड़ा करने वाली कंपनी ने नाली बनाने में गुणवत्ता पूर्ण नहीं किया कार्य
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। हरिपुर-सिढ़कुंड मार्ग को भले ही करोड़ों रुपये खर्च कर चौड़ा किया गया है, लेकिन सड़क किनारे नाली की व्यवस्था न के बराबर है। जिस कंपनी ने नाली और सड़क को चौड़ा करने का टेंडर लिया था। उसने इस कार्य में मात्र खानापूर्ति की है। सड़क किनारे नाली मिट्टी से बंद पड़ी है। जहां पर सड़क की कटिंग की गई है, उस कटिंग की मिट्टी से नाली बंद हो गई है। इसे दोबारा नहीं बनाया गया। यही कारण है कि बारिश होने पर नाली का पानी सड़क पर बहता रहता है। सड़क में जगह-जगह पानी के तालाब बन जाते हैं। इसमें होकर गुजरना पैदल राहगीरों के लिए मुश्किल हो जाता है। दो पहिया वाहन चालक भी इस समस्या से परेशान हैं। सड़क को चौड़ा करने के साथ टारिंग और नाली की व्यवस्था भी सुदृढ़ बनाई जानी थी, जिससे वाहन चालकों को सड़क पर आवाजाही करने में किसी प्रकार की परेशानी पेश न आए। मौजूदा समय में हरिपुर से सिढ़कुंड तक नाली की व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा चुकी है। नाली का सारा पानी सड़क पर बहता रहता है।
स्थानीय लोगों में रवि कुमार, चैन लाल, बृज पाल, मनोज कुमार, हंसराज, केवल, सुनील कुमार और योगराज ने बताया कि हरिपुर से सिढ़कुंड मार्ग को भले ही चौड़ा किया गया है, लेकिन वहां नाली की उचित व्यवस्था नहीं बनाई गई है। नाली की निकासी हरेक जगह पर बंद पड़ी है। हैरानी इस बात की है कि जिन अधिकारियों के सामने यह कार्य हुआ। उन्होंने कभी इसको लेकर कंपनी को फटकार या जुर्माना नहीं लगाया। उधर, लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता दिनेश कुमार ने बताया कि उनके ध्यान में यह मामला अभी लाया गया है। जल्द ही मार्ग में नाली की व्यवस्था को जांच कर आगामी कार्रवाई की जाएगी।