खज्जियार (चंबा)। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय चीलबंगला में तीन वर्ष पूर्व हटाया गया हिंदी मातृ भाषा का विषय आज तक शुरू नहीं करवाया है। ऐसे में बच्चे हिंदी भाषा का ज्ञान कैसे प्राप्त कर पाएंगे। स्कूल में प्रवक्ता का पद भरना तो दूर विषय को ही हटा दिया गया है। विद्यालय में लगभग 200 विद्यार्थी शिक्षा अर्जित कर रहे हैं लेकिन तैनात अध्यापकों को ही बच्चों को हिंदी विषय पढ़ाना पड़ता है। हालात ऐसे हैं कि तीन वर्ष पहले तैनात हिंदी प्रवक्ता का तबादला दूसरे स्कूल में कर दिया गया लेकिन हैरानी की बात है कि हिंदी मातृभाषा का विषय की हटा दिया गया। स्कूल प्रबंधक समिति अध्यक्ष अमर नाथ सहित अभिभावकों चमन लाल, प्रकाश चंद, राकेश कुमार, पृथी चंद, सरोज कुमारी और सुरेखा देवी का कहना है कि स्कूल में हिंदी विषय को ही हटा दिया गया है। तीन वर्ष बीतने के बाद भी हिंदी विषय के प्रवक्ता का पद नहीं भरा गया है।
कहा कि विद्यालय में टीजीटी आर्ट्स, टीजीटी नॉन मेडिकल, सुपरिटेंडेंट और क्लर्क के पद चार सालों से रिक्त पड़े हैं। इसके चलते विद्यार्थी दूसरे स्कूलों में पढ़ाई करने के लिए मजबूर हैं। अभिभावकों ने साफ किया है कि विद्यालय से हटाए गए मातृ भाषा हिंदी विषय को दोबारा शुरू नहीं करवाया गया तो वे धरना- प्रदर्शन करने को मजबूर हो जाएंगे। इसके अलावा खाली पदों को भरने की भी शिक्षा विभाग और प्रदेश सरकार से मांग की है। उच्च शिक्षा उपनिदेशक प्यार सिंह चाढ़क ने बताया कि इसके बारे में स्कूल प्रबंधक लिखित प्रस्ताव पारित कर भेेजें।