बनीखेत (चंबा)। दर्दनाक हादसे में 21 वर्षीय अभय कुमार की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। किसी को विश्वास नहीं हो रहा है कि हंसमुख स्वभाव का अभय अब काम से कभी भी लौट कर नहीं आएगा। जुड़वा बहनें भी अब किसकी कलाई पर राखी बांधेंगी। युवक की मौत के बाद पूरा गांव शोक की लहर में डूब गया है। माता-पिता और बहनों का रो-रो कर बुरा हाल है।
ढूंढियारा बंगला निवासी रण सिंह मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करता है। पिता को मजदूरी करते देख अभय ने जमा दो करने के बाद मैकेनिक का काम सीख कर पिता का हाथ बंटाने की सोची। इसके बाद माता-पिता को भी आखिरकार उसने मना लिया। वह बैली में वाहन मैकेनिक का काम सीखने के लिए जाता था। पिता की मदद करने की चाह लिए अभय को अभी महज एक सप्ताह का ही समय हुआ था कि काल रूपी मौत ने उसे बैली के समीप अपने आगोश में समा लिया। अभय अपने घर का इकलौता चिराग था। उसकी मां और दो बहनें हैं। वहीं, हादसे में घायल दूसरा युवक एल्युमीनियम का काम सीख रहा है। अचानक आई ऐसी भयानक मौत ने अभय को उसके परिवार से छीन लिया। मृतक की माता और बहनों का रो-रो कर बुरा हाल है। बेटे को याद कर हाईवे किनारे रोती-बिलखती माता बार-बार बेहोश हो रही है। उसे विश्वास नहीं हो रहा है कि उसका लख्ते जिगर अब सदा के लिए उससे दूर चला गया है। दर्दनाक हादसे से पूरे इलाके में मानों सन्नाटा पसर गया है। दोपहर बाद शव का पोस्टमार्टम करने के बाद पैतृक श्मशानघाट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस दर्द विदारक हादसे ने माता-पिता और बहनों को ताउम्र न भूलने वाले जख्म दिए हैं।