चंबा। प्रदेश सरकार ने हर गांव और कस्बे में स्कूल तो खोले हैं, लेकिन इनमें अध्यापकों की कमी दूर नहीं की जा रही है। शिक्षा खंड कियाणी के तहत 13 स्कूल एक-एक अध्यापक के सहारे हैं।
इन स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाना एक अध्यापक के लिए कोई चुनौती से कम नहीं है। तैनात अध्यापक को जरूरी बैठक में जाना होता है तो स्कूल में विद्यार्थियों की पढ़ाई रामभरोसे हो जाती है। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को ही व्यवस्था देखनी पड़ रही है। विभाग की मानें तो रिक्त पद भरने को लेकर पत्राचार किया गया है।
शिक्षा खंड कियाणी में 76 प्राथमिक पाठशालाएं हैं। इनमें 13 स्कूलों में एक-एक अध्यापक हैं। तीन स्कूल ऐसे हैं, जहां अध्यापक ही नहीं हैं। इनमें पढ़ाई जुगाड़ के सहारे करवाई जा रही है। डेपुटेशन के सहारे तीनों स्कूल चल रहे हैं।
उधर, खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी संजय कुमार ने कहा कि 13 स्कूलों में एक-एक अध्यापक हैं। तीन स्कूलों में डेपुटेशन के आधार पर व्यवस्था बनाई गई है। कहा कि इस बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया गया है। उम्मीद है कि सरकार और विभाग जल्द अध्यापकों की तैनाती करेंगे।