चंबा। संत निरंकारी भवन मुगला में साप्ताहिक सत्संग का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता महात्मा दीपक ने की। आरती वंदना कर सत्संग का शुभारंभ किया गया।
सत्संग के दौरान मंगला, राख, धरवाला, मुगला, साहो, जडेरा, जांघी और अन्य गांव से आए निरंकारी अनुयायियों ने इसमें भाग लिया। मंच पर विराजमान महात्मा दीपक हीर ने कहा कि ग्रंथ किसी भी प्रकार के पक्षपात की आज्ञा नहींं देते। फिर भी सर्वत्र पक्षपात पूर्ण व्यवहार देखने को मिलता है। वह वनस्पति, पहाड़, जीव-जन्तु हर एक जीवित प्राणी में परमात्मा के दर्शन करना शुरू हो जाता है। आज इंसान का नाता अज्ञानता के साथ इतना गहरा हो गया है कि वह सब में व्याप्त परमात्मा को पहचान नहीं पाता और केवल अपने सुख की और अग्रसर हो जाता है। इंसान की कोई निंदा करता है तो उसका दिल दुखता है लेकिन अवसर मिलते ही वह दूसरों की निंदा करने से नहीं चूकता। इन विचारों के साथ सत्संग का समापन हुआ। सत्संग के समापन पर भंडारे का आयोजन किया गया। यह जानकारी मीडिया प्रबंधक विनोद कुमार ने दी। संवाद