चंबा। मसरूंड डाकघर में लाखों के घोटाले के आरोपों के बाद अब प्रधान डाकघर चंबा के सुपरिंटेंडेंट ने तीन सदस्यों की टीम मामले की निष्पक्षता से जांच के लिए बैठा दी है। जांच टीम समस्त खाता धारकों से संपर्क करने के बाद सप्ताह में अपनी रिपोर्ट उन्हें सौंपेंगी। गौरतलब है कि विकास खंड चंबा के तहत आने वाली मसरूंड पंचायत में स्थित मसरूंड डाकघर के कर्मचारी (डाकपाल) पर विभिन्न स्कीमों के तहत जमा करवाई गई लाखों की धनराशि के गबन के आरोप ग्रामीणों ने लगाए हैं। क्षेत्र के करीब 250 ग्रामीणों ने विभिन्न सरकारी जमा योजनाओं जैसे आवर्ती जमा, सुकन्या निधि समेत अन्य स्कीमों के तहत धनराशि जमा करवाई थी जिसकी अनुमानित राशि 40 से 50 लाख बनती हैं। इतना ही नहीं, धनराशि जमा करवाने के बाद डाक कर्मचारी ने बाकायदा जमा बुक में इंद्राज कर डाकघर की मुहर भी लगाई है लेकिन, हैरानी की बात है कि डाकघर के असल रिकॉर्ड में धनराशि ही दर्ज नहीं हो पाई है। अब प्रधान डाकघर चंबा की ओर से मामले की जांच के लिए सहायक अधीक्षक चंबा राजीव गुरंग की अगुवाई में दो डाक पर्यवेक्षकों की टीम गठित की है। साथ ही टीम को सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट कार्यालय में जमा करवाने के निर्देश जारी किए हैं।
डाकघर चंबा के सुपरिंटेंडेंट संजय कुमार ने बताया कि ग्रामीणों की शिकायत के आधार पर तीन सदस्यों की टीम गठित कर मामले की जांच की जा रही है। बताया कि यदि उपभोक्ता टीम का सहयोग करते हुए अपनी कॉपियां दिखाते हैं तो इससे स्थिति जल्द स्पष्ट होगी। एक सप्ताह में टीम अपनी रिपोर्ट सौंपेंगी।