चंबा। चंबा-मसरूंड-टिकरी रूट पर चलने वाली हिमाचल पथ परिवहन निगम की बस बुधवार को आधे रास्ते हमलगला से ही चंबा के लिए लौट आई। बस के निर्धारित रूट पर न पहुंचने से स्कूली विद्यार्थी, विभिन्न विभागीय कर्मचारी सहित ग्रामीण बस का इंतजार करते रहे। आखिरकार शाम 5:30 के बाद भारी बारिश के बीच भीगते हुए विद्यार्थियों को 12 से 13 किलोमीटर का पैदल सफर तय कर अपने घर पहुंचना पड़ा। नौकरीपेशा लोग जैसे-तैसे कर वाहनों में लिफ्ट लेकर, निजी टैक्सियां हायर कर अपने गंतव्यों तक पहुंचे। इस दौरान सवारियां निगम के चालक-परिचालक के लापरवाहपूर्ण रवैये को कोसते नजर आए।
सवारियों रमेश कुमार, ज्ञान चंद, नेगी राम, सुरजीत कुमार, महिंद्र कुमार, अनूप कुमार, देसराज, तिलक राज, सुभाष कुमार, प्रकाश चंद आदि ने बताया कि राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल मसरूंड में शिक्षा अर्जित करने के लिए मऊआ, हमलगला, खोपरा, धार, सरालू, कोटुई, सुजियाली और बंजल से 12-13 किमी का सफर तय कर पहुंचते हैं। बुधवार को टिकरी-मसरूंड-चंबा रूट की बस हमलगला से पौने चार बजे ही वापिस लौट गई। उन्होंने हिमाचल पथ परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक से ऐसे चालक-परिचालक पर नकेल कसने की मांग उठाई है। क्षेत्रीय प्रबंधक शुगल सिंह ने बताया कि मामला ध्यान में लाया गया है। मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।