बनीखेत (चंबा)। जिले में लंबे रूटों पर चलने वाली बसों की बीच रास्ते में हांफने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। दो दिन पहले देहरादून से चंबा रूट पर आ रही बस बीच रास्ते में खड़ी हो गई। रात को सवारियों को चंबा पहुंचने के लिए काफी परेशानी झेलनी पड़ी। वहीं वीरवार को लंगेरा से पठानकोट जा रही सरकारी बस चोहड़ा डैम के पास खराब हो गई।
बस में करीब छह लोग सफर कर रहे थे जिन्हें पठानकोट के लिए दूसरी बस पकड़नी पड़ी। बस की क्लच प्लेटों में अचानक खराबी आ गई जिससे बस को ले जाने में चालक और परिचालक को काफी परेशानी हुई। इसी तरह बुधवार शाम को चंबा से भाला रूट पर जा रही सरकारी बस भाला से छह किलोमीटर पीछे रात को खराब हो गई। बस में सफर कर रही है 20 सवारियों को छह किलोमीटर का सफर पैदल तय करना पड़ा। बस में तकनीकी खराब आने के कारण चालक बस को आगे नहीं ले जा सका। हालांकि बस के खराब होने के बाद काफी देर तक लोग बस के ठीक होने का इंतजार करते रहे लेकिन जब बस ठीक नहीं हुई तो उन्हें मजबूरी में पैदल ही अपने गंतव्य का रुख करना पड़ा। मनोज कुमार, हंसराज, केवल, सुनील कुमार, चेतराम, सुरेंद्र और भाग चंद ने बताया कि जिले के चंबा डिपो से चलने वाली बसें रोजाना रूटों पर खराब हो रही हैं। उन्होंने निगम प्रबंधन से मांग की है कि रूटों पर नई बसें भेजी जाएं। वहीं बसों को पूरी जांच पड़ताल के बाद ही रूटों पर रवाना किया जाए। क्षेत्रीय प्रबंधक शुगल कुमार ने बताया कि रूटों पर बसों को भेजने से पहले मैकेनिक जांच की जाती है। पूरी जांच पड़ताल के बाद ही बसों को रवाना किया जाता है। अचानक खराबी आने से कई बार बसें खराब हो जाती हैं।