चंबा के पांगी में कुमार जातर मेले के दौरान नाटी डालते लोग।स्त्रोत:जागरूक पाठक
पांगी (चंबा)। जनजातीय क्षेत्र पांगी में साल भर फसल की अच्छी पैदावार और सुख-समृद्धि को लेकर कुमार और कुठल में नाग देवता का आभार जताया गया है। इस दौरान पांगी की संस्कृति की झलक देखने को मिली।
महिलाएं और पुरुष पारंपरिक परिधान में नृत्य कर खुशी मनाते नजर आए। पारंपरिक वाद्ययंत्रों पर थाप पर घुरेई गीत भी गाया गया। इस जातर मेले का आयोजन विशेष तौर पर नाग देवता का आभार जताने के लिए किया जाता है।
मान्यता है कि नाग देवता साल भर मवेशियों और फसल की रक्षा करते हैं। फसल भी अच्छी होती है और मवेशी भी किसी बीमारी या दुर्घटना का शिकार नहीं होते। सांस्कृतिक संध्या का भी आयोजन किया गया। इसमें कुमार पंचायत की प्रधान सरजू ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। सांस्कृतिक संध्या में लाहौल से आए कलाकर रवि नीमा ने लोगों का मनोरंजन किया। उन्होंने पांगी पकी ठांगी लाहौल पका जीरा गीत पर दर्शकों को खूब नचाया। उन्होंने पांगी के पारंपरिक गीतों से लोगों का मनोरंजन किया। स्थानीय कलाकार विकेश भारद्वाज और मंजू सूर्यवंशी ने भी लोक गीतों से दर्शकों को नचाया। पंचायत प्रधान सरजू ने बताया कि यह मेला सदियों से उनके पूर्वज मनाते आ रहे हैं। साल भर अच्छी फसल को लेकर स्थानीय देवी देवताओं से अरदास लगाई जाती है। जब फसल की कटाई हो जाती है तो स्थानीय लोग जातर मेले के जरिये देवी देवताओं का आभार प्रकट करते हैं। इस दौरान विशेष पूजा-अर्चना भी की जाती है। इस दौरान लोग खुशी मनाते हुए दावत का भी आयोजन करते हैं।