मेडिकल कॉलेज चंबा में 26वें दिन भी सरकारी लैब में परखनली (टेस्ट ट्यूब) के अभाव में मरीजों के टेस्ट नहीं हो पाए। हैरानी की बात यह है कि न तो मेडिकल कॉलेज प्रबंधन परखनलियों की व्यवस्था करवा पाया है और न ही राजनेताओं को मरीजों के मर्ज से कुछ लेनादेना है। ऐसे में आकांक्षी जिला चंबा की जनता मजबूरन टेस्ट करवाने के लिए भटकने को विवश है। मेडिकल कॉलेज चंबा में उपचाराधीन और चिकित्सीय परामर्श लेने के लिए पहुंचने वाले सैकड़ों मरीजों को सर्वप्रथम टेस्ट लिखे जाते हैं, उसके बाद ही उनका उपचार शुरू हो पाता है। लिहाजा, मेडिकल कॉलेज चंबा में उपचार करवाना मरीजों और उनके तीमारदारों के लिए काफी महंगा साबित हो रहा है।
चंबा। समय :10:30 बजे। स्थान: मेडिकल कॉलेज चंबा स्थित सरकारी लैब। सरकारी लैब में कर्मचारी वर्ग लेबोरेटरी में अन्य प्रकार के टेस्ट कर रहे हैं। हांलाकि, परखनलियां न होने से किसी भी मरीज के सैंपल नहीं ले पा रहे हैं। इस दौरान तीसा क्षेत्र से पहुंचे एक मरीज को परखनली के अभाव में वापस लौटना पड़ता है। अब उन्हें निजी लैब में टेस्ट करवा करवाना होगा। 11:00 बजे क्रस्ना लैब में मरीजों और तीमारदारों की कतारें विभिन्न प्रकार के टेस्ट करवाने और टेस्ट रिपोर्ट लेने के लिए लगी हुई हैं। यहां पर निर्धारित शुल्क के आधार पर मरीजों के टेस्ट करने के लिए कर्मी क्रमवार सभी की पर्चियां लेकर टेस्ट संबंधी जानकारी साझा कर रहा है। कतार में खड़े लोग सरकारी लैब में टेस्ट न होने के कारण अस्पताल की कार्यप्रणाली को कोस रहे हैं। सुबह 11:30 बजे शहर में स्थित निजी लैब में लोग टेस्ट करवाने पहुंच रहे हैं। यहां मरीज मनमाने दाम चुकाने को मजबूर होते हैं।
सिविल अस्पताल पर महज मेडिकल कॉलेज का तगमा ही लगा है। यहां पर मरीजों को टेस्ट से लेकर अन्य सहूलियतें नहीं मिलती हैं। मरीजों को एक छोटा टेस्ट करवाने के लिए भी भटकना पड़ रहा है और पैसे देने पड़ रहे हैं। यह व्यवस्था जल्द ठीक होनी चाहिए। -ललित ठाकुर, लिल्ह निवासी।
मेडिकल कॉलेज चंबा में कई दिन से एक छोटी सी टेस्ट ट्यूब न होने से दुर्गम क्षेत्रों से आने वाले लोगों के टेस्ट तक नहीं हो रहे हैं। प्रशासन और नेताओं को इसकी सुध लेनी चाहिए। समय रहते मरीजों को राहत प्रदान करनी चाहिए। -रत्न चंद, बनीखेत निवासी।
चंबा मेडिकल कॉलेज में टेस्ट करवाने के लिए मरीज और उनके परिजन यहां-वहां भटक रहे हैं। लोग टेस्ट ट्यूब के लिए परेशान हो रहे हैं। जिलेभर के लोग इसी मेडिकल कॉलेज पर निर्भर हैं। -अशोक कुमार, डूला निवासी।
मेडिकल कॉलेज में बेहतर इलाज की उम्मीद लेकर पहुंचते हैं। यहां पर आने के बाद एक छोटा सा टेस्ट करवाने के लिए कभी यहां तो कभी वहां भटकना पड़ता है। इससे मरीज के साथ उनके तीमारदार भी परेशान हो जाते हैं। -धारो राम, झुलाड़ा निवासी।
मेडिकल कॉलेज चंबा में परखनलियां पहुंच गई हैं। उन्हें वितरित करने में समय लग गया। मंगलवार को टेस्ट प्रक्रिया आरंभ करवा दी जाएगी। -डॉ. देवेंद्र कुमार, चिकित्सा अधीक्षक चंबा।
मेडिकल कॉलेज चंबा में जिन वस्तुओं की कमी चल रही है उसके बारे में मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री को अवगत करवा दिया गया है। जल्द व्यवस्थाएं सुधारने के लिए कांग्रेस सरकार बचनवद्ध है। -नीरज नैयर, सदर विधायक चंबा।
कांग्रेस सरकार का दो माह में ही पतन होता प्रतीत हो रहा है। मेडिकल कॉलेज में मूलभूत सुविधाएं मरीजों को उपलब्ध करवाने में कांग्रेस सरकार फिसड्डी साबित हो रही है। पूर्व सरकार के दौरान एमआरआई और अन्य मशीनें आई हैं जिन्हें संचालित करने के लिए स्टाफ तैनात करना भी इनके बस की बात नहीं है। -पवन नैयर, पूर्व विधायक चंबा।
मेडिकल कॉलेज चंबा में परखनली समेत अन्य सामान को उपलब्ध करवाने के लिए मंगलवार को मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री से मिलकर बात की जाएगी जिससे लोगों को मेडिकल कॉलेज में हरेक सहूलियत मिल सके। -यशवंत सिंह खन्ना, कांग्रेसी नेता चुराह।
चुराह के विधायक डॉ. हंसराज ने कहा कि चुराह मेडिकल कॉलेज में जरूरत का सामान जैसे रुई, ग्लूकोज, कैनुला तक उपलब्ध नहीं है। इतना ही नहीं मरीजों के सरकारी लैब में परखनली के अभाव में टेस्ट तक नहीं हो रहे हैं। इसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है। जनता के बलबूते ही जीत कर विराजमान हुई कांग्रेस सरकार मूलभूत सुविधाएं प्रदान करने में पिछड़ गई है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मेडिकल कॉलेज चंबा में व्यवस्थाएं सुधारने की मांग उठाई है।
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