चंबा। विशेष न्यायाधीश पुने राम की अदालत ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने के मामले में आरोपी को दोषी करार देते हुए दस वर्ष का कठोर कारावास और एक लाख जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर दोषी को एक वर्ष का साधारण कारावास भुगतना पड़ेगा। जिला न्यायवादी पंकज धीमान ने बताया कि एक मार्च 2021 को पीड़ित नाबालिग की मां अपने छोटी बेटी के साथ लोकमित्र केंद्र में काम के सिलसिले में गई थी जबकि उसकी दो बेटियां घर पर उनकी देवरानी के पास ही थीं। सायं तीन बजे के करीब जब वे घर लौटीं तो उनकी एक नाबालिग बेटी घर पर नहीं थी। उसने अपनी देवरानी से अपनी बेटी के बारे में पूछा।
देवरानी ने बताया कि वह यहीं आसपास ही खेल रही होगी। बेटी को तलाशते हुए जब वे सायं 4:30 बजे सड़क किनारे पहुंची तो वहां एक व्यक्ति उसे देखकर भागा जबकि उसकी बेटी रो रही थी। बेटी को पूछने पर उसने पूरी बात बता दी। महिला ने तुरंत फोन के जरिये अपने पति को इसके बारे में बताया। इसके बाद मामला पुलिस के पास पहुंचा। पुलिस ने चालान बनाकर न्यायालय में प्रस्तुत किया। मामले की सुनवाई के दौरान 25 गवाहों को पेश किया गया। इसके बाद बुधवार को न्यायालय ने व्यक्ति को दोषी करार देते हुए दस वर्ष का कारावास और एक लाख जुर्माने की सजा सुनाई है।