भरमौर(चंबा)। शिव पुत्र कार्तिक (केलंग) के कपाट इस साल 29 नवंबर को दोपहर बाद भक्तों के लिए बंद हो जाएंगे। वर्ष 2021 में बैशाखी वाले दिन मंदिर के कपाट दोबारा श्रद्धालुुओं के लिए खुलेंगे। यह जानकारी कार्तिक मंदिर के पुजारी मचलू राम शर्मा ने दी। उन्होंने बताया कि हर साल नवंबर माह के अंतिम सप्ताह में विशेष पूजा अर्चना की जाती है। इसके बाद करीब पांच माह के लिए मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाते हैं। इसके बाद श्रद्धालुओं की आवाजाही पर पूर्णत: रोक रहती है। इसके अलावा ऊपरी क्षेत्र के मंदिर मणिमहेश, भरमाणी माता, दिगनपाल, कठेड़पाल में अक्सर अक्तूबर माह के आखिर में बर्फबारी हो जाती है। साथ ही अंदरोल का समय शुरू हो जाता है। ऐसे समय में ऊपरी क्षेत्रों के मंदिरों मे जाना निषेध माना जाता है। ऐसी पंरपरा सदियों से चली आ रही है। ऐसी मान्यता है कि शिव पुत्र कार्तिक सर्दियों में दक्षिण भारत के लिए प्रस्थान करते हैं। मंदिर के कपाट बंद करने से पहले मंदिर के गर्भगृह में जल की भरी गढ़वी रखी जाती है। कपाट खुलने के दौरान गढ़वी का जल कम या भरा होने पर साल की बारिश का अनुमान लगाता है। गौरतलब है कि कपाट खुलने के बाद हर साल मंदिरों में काफी संख्या में श्रद्धालु आवाजाही करते हैं।