चंबा। खेलकूद प्रतियोगिताओं में टीचिंग स्टाफ की सेवाएं स्कूल प्रशासन नहीं ले पाएगा। उच्च शिक्षा निदेशालय ने समस्त प्रारंभिक एवं उच्च शिक्षा उप निदेशकों को आदेश जारी कर दिए हैं।
आदेशों के तहत स्कूल में डीपीई और पीईटी न होने की सूरत में लैब असिस्टेंट, मिड-डे मील वर्कर या चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी बच्चों के साथ जा सकते हैं। डीपीई की ड्यूटी होने पर पीईटी को कंटीजन इंचार्ज बनाया जाएगा। वे विद्यार्थियों को खेलकूद प्रतियोगिता में लेकर जाएंगे। निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि अगर स्कूल में डीपीई और पीईटी नहीं है तो टीचिंग स्टाफ को खेलकूद में भेजने के लिए उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा या उच्च शिक्षा से अनुमति लेनी होगी।
जानकारी के अनुसार वर्तमान में प्रदेश भर में अंडर-19 और अंडर-14 वर्ग की खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। ऐसे में कुछ जगह सामने आया है कि स्कूलों की ओर से अध्यापकों की ड्यूटी प्रतियोगिता में लगा दी है। ऐसे में बच्चों की पढ़ाई पर विपरीत असर पड़ रहा है। इस समस्या के समाधान के लिए निदेशालय की ओर से एक आदेश जारी किए हैं। आदेश दिए हैं कि डीपीई और पीईटी को ही बच्चों के साथ भेजा जाए। अगर इनमें दोनों नहीं हैं तो टीचिंग स्टाफ को कंटीजन इंचार्ज बनाने के लिए उपनिदेशक से अनुमति लेनी पड़ेगी। उपनिदेशक की अनुमति के बाद ही टीचिंग स्टाफ की ड्यूटी लगाई जाएगी।
शारीरिक शिक्षा के उपनिदेशक तिलक बिजलवान ने बताया कि टीचिंग स्टाफ की ड्यूटी के लिए उपनिदेशक से अनुमति लेनी होगी। साथ ही मिड-डे मील वर्कर, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी और लैब सहायक की सेवाएं ली जा सकती हैं। डीपीई के व्यस्त होने पर पीईटी को कंटीजन इंचार्ज बनाया जा सकता है।