चंबा। जिले के हर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, नागरिक अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में टीबी के मरीजों के लिए अलग बिस्तरों और शौचालयों की व्यवस्था होगी। इस व्यवस्था को लागू करने के लिए उन्होंने एक महीने का समय दिया। जहां पर इंडोर सेवाएं चल रही हैं वहां पर भी टीबी मरीजों को यह सुविधा दी जाएगी। यह निर्देश मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर कपिल शर्मा ने राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम की विशेष बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए। बैठक में विश्व स्वास्थ्य संगठन की तरफ से डॉक्टर आत्मिका विशेष रूप से मौजूद रहीं।
उन्होंने प्रत्येक स्वास्थ्य खंड में टीबी मामलों का जल्द पता लगाने और मरीजों को हरेक पीएचसी में सभी सुविधाएं मुहैया करवाने पर जोर दिया। कहा कि टीबी रोगियों को निक्षय पोषण योजना के तहत समय पर भुगतान किया जाए। इसके अलावा उन्होंने स्वास्थ्य खंड चिकित्सा अधिकारियों को निक्षय मित्रों की संख्या बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने चिकित्सकों को पोषण सहायता के लिए निक्षय मित्र बढ़ाने, बाह्या रोगी विभाग से तीन प्रतिशत से ज्यादा रोगियों को संदर्भित करने और निजी चिकित्सा व्यावसासियों की ओर से रोगियों को संदर्भित करने पर जोर दिया। जिला क्षयरोग अधिकारी डॉ. हरित पुरी ने बताया कि जिले में अब तक 153 निक्षय मित्र पंजीकृत किए जा चुके हैं। उनकी ओर से 158 टीबी रोगियों को पोषण सहायता दी जा रही है। कहा कि कोई भी व्यक्ति निक्षय पोर्टल में निक्षय मित्र पंजीकृत कर टीबी रोगियों की पोषण सहायता एक से तीन वर्ष तक कर सकता है। इससे टीबी की दवाइयां खाने के बाद मरीज स्वस्थ रहता है दोबारा टीबी होने की संभावना कम हो जाती है। इस मौके पर सभी खंडों के चिकित्सा अधिकारी मौजूद रहे।