बाजार में मिलती है अच्छी कीमत, हर साल महिलाएं करती हैं गुच्छी की तलाश
तेलका (चंबा)। जिले के पहाड़ी क्षेत्रों में इन दिनों दुर्लभ और महंगी गुच्छी (मोरल) की भरमार देखने को मिल रही है।
जंगलों में उगने वाले इस प्राकृतिक खजाने को स्थानीय लोग बड़े उत्साह के साथ एकत्रित कर रहे हैं। इसी कड़ी में ग्राम पंचायत बाड़का के गांव पधरोटू की सुमन कुमारी इस सीजन अब तक करीब 10 किलो गुच्छी एकत्रित कर चुकी हैं। सुमन जंगलों में जाकर गुच्छी ढूंढती हैं और उसे इकट्ठा कर बाजार में बेचती हैं। गुच्छी की बाजार में अच्छी कीमत मिलने के कारण यह स्थानीय लोगों, खासकर महिलाओं के लिए आय का महत्वपूर्ण साधन बनती जा रही है। इससे महिलाएं अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रही हैं। परिवार की आय में भी सहयोग दे रही हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, गुच्छी सीमित समय के लिए ही उपलब्ध होती है। इसकी मांग देश-विदेश में रहती है। इस कारण इसकी कीमत भी काफी अधिक होती है।