सलूणी (चंबा)। राजकीय महाविद्यालय सलूणी के विद्यार्थियों ने कांगड़ा के ऐतिहासिक मंदिरों का इतिहास जाना। इन मंदिरों का निर्माण कैसे हुआ और निर्माण में किसका क्या योगदान रहा, इसको लेकर भी विद्यार्थियों को विस्तार से जानकारी उपलब्ध करवाई गई। सलूणी महाविद्यालय के इतिहास विषय के 45 विद्यार्थी शैक्षणिक भ्रमण पर तीन दिन के लिए कांगड़ा गए थे। यहां पर उन्होंने शक्तिपीठों से लेकर विभिन्न पुराने मंदिरों का अवलोकन किया और उनके इतिहास के बारे में जाना। इतिहास प्रवक्ता सौरभ मिश्रा ने उन्हें अकबर की ओर से चढ़ाए गए सोने के छत्र और मंदिर के गुंबद के आकार की शैली के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। इसके अलावा विद्यार्थियों ने हिमाचल के अजंता कहे जाने वाले रॉक कट मंदिर के दर्शन भी किए। यह मंदिर द्रविड़ शैली में बना उत्तर भारत का एकमात्र मंदिर है। इसके बाद छात्रों ने कांगड़ा के प्रसिद्ध किले को भी देखा। उन्होंने संसारचंद संग्रहालय में पुरातत्व अवशेषों जैसे सिक्कों, अभिलेख, चित्रकला आदि के बारे में जानकारी हासिल की। इसके अलावा शक्तिपीठ ब्रजेश्वरी देवी के दर्शन किए। विद्यार्थियों के मार्गदर्शन के लिए वाणिज्य के प्रवक्ता पंकज कुमार भी मौजूद रहे। इस अवसर पर कॉलेज प्राचार्य डॉ. मोहिंद्र कुमार सलारिया ने कहा कि ऐसे भ्रमण से विद्यार्थियों का व्यक्तित्व विकास होता है।