चंबा। नगर परिषद क्षेत्र के वार्डों में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। स्थिति यह है कि शहर का शायद ही कोई वार्ड बचा हो, जहां लोग इन कुत्तों से परेशान न हों। पिछले वर्ष दो दर्जन से अधिक राहगीरों को आवारा कुत्तों ने हमला कर घायल कर दिया था, इसके बावजूद इनकी संख्या पर अंकुश लगाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। लोगों में इस लापरवाही को लेकर भारी रोष है। शहरवासी मनोज कुमार, चुनी लाल, विनोद कुमार, दीपक शर्मा, सुरेश ठाकुर और गुरमीत ने बताया कि शाम ढलने के बाद गलियों में कुत्तों के झुंड सक्रिय हो जाते हैं और अक्सर अकेले राहगीरों पर झपट पड़ते हैं। इससे न सिर्फ आमजन, बल्कि बच्चे और बुजुर्ग भी दहशत में हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और नगर परिषद से मांग की है कि आवारा कुत्तों से निजात दिलाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। साथ ही शहर में पालतू कुत्ते पालने वालों का अनिवार्य रूप से पंजीकरण करवाया जाए, ताकि समस्या को नियंत्रित किया जा सके।