पांगी (चंबा)। घर बनाने के लिए पांगी घाटी के लोगों को वन निगम के डिपो से एक स्लीपर खरीदने के लिए 8000 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। पहले 2800 रुपये में एक स्लीपर मिलता था। इसी तरह सर्दियों में घर में आग जलाने के लिए पांगीवासी निगम से 632 रुपये प्रति क्विंटल लकड़ी खरीदते थे। इसे भी सरकार ने बढ़ाकर 1364 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है।
घाटी के लोगों का कहना है कि जनजातीय क्षेत्र में विकास करने के बजाय प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने पांगी के लोगों को मिलने वाली सुविधाओं को छीनने का काम किया है। उधर, लकड़ी के दामों में दोगुना से अधिक बढ़ोतरी के खिलाफ भाजपा ने भी प्रदेश सरकार को घेरा है। इस बढ़ोतरी को निरस्त करवाने के लिए भाजपा मंडल पांगी ने आवासीय आयुक्त के माध्यम से राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल को ज्ञापन भेजा है।
पांगी भाजपा मंडल अध्यक्ष प्रकाश ठाकुर ने बताया कि पूर्व सरकार ने पांगी के दूरदराज के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए सुराल और करियुणी में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोले थे। इन्हें कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आते ही बंद कर दिया। इन स्वास्थ्य केंद्रों का खुलना काफी आवश्यक है। सर्दियों के दौरान भारी बर्फबारी के कारण इन पंचायतों का संपर्क किलाड़ मुख्यालय से कट जाता है। ऐसे में यदि यहां स्वास्थ्य केंद्र होगा तो लोग बीमारी का इलाज करवा पाएंगे। अन्यथा, उन्हें मरीज को चारपाई पर उठाकर बर्फ में पैदल चलकर किलाड़ पहुंचाना पड़ेगा। कहा कि पांगी के सरकारी विभागों में अधिकारियों सहित कर्मचारियों के कई पद खाली हैं। इन पदों को भरने की भी राज्यपाल से गुहार लगाई है। इस मौके पर मंडल के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।