चंबा के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला मंगला के विद्यार्थीयों द्वारा बनाया गया मॉडल।स्त्रोत:जाग
चंबा। भारी बारिश के दौरान बादल फटने की घटना का अब लोगों को पहले ही पता चल पाएगा। सीनियर सेकेंडरी स्कूल मंगला के छात्र संयम रैणा ने यह मॉडल तैयार किया है।
कन्या विद्यालय चंबा में आयोजित खंड स्तरीय बाल विज्ञान सम्मेलन में यह मॉडल संयम ने प्रदर्शित किया है। हालांकि, संयम को प्रतियोगिता में तीसरा स्थान मिला है। मॉडल को बनाने का मकसद बादल फटने जैसी आपदा से पहले लोगों को अलर्ट करना है। बादल फटने से पहले लोग सुरक्षित स्थानों की ओर जा सकें।
जानकारी के अनुसार यह मॉडल मैनुअली है और वेस्ट मैटीरियल से तैयार किया गया है। बाजार से सिर्फ अलार्म के लिए बैटरी की खरीद की गई है। इस अलर्ट अलार्म को लोग अपने घरों की छत्तों में लगा सकते हैं। जैसे ही आधे घंटे में पचास मिलीमीटर से अधिक बारिश होगी तो यह अलार्म बज जाएगा। इससे लोग अलर्ट हो सकते हैं और सुरक्षित स्थानों की ओर जा सकते है। छात्र संयम ने बताया कि यह मॉडल उन्होंने वेस्ट मैटीरियल, पीवीसी पाइप और पानी की खाली बोतल से बनाया है। जैसे-जैसे बारिश होगी तो यह मीटर बारिश की मात्रा मापता रहेगा और जैसे ही आधे घंटे में पचास मिलीमीटर से अधिक बारिश होती है तो अलार्म बजेगा। जो लोगों को सतर्क कर देगा। स्कूल प्रधानाचार्य नरेंद्र भारद्वाज ने बताया कि संयम और गाइड टीचर ने बेहतरीन मॉडल बनाया है। कहा कि इससे लोगों को आपदा से पहले सचेत होने का अवसर मिल जाएगा।