चंबा। साहब ... बंदरों के झुंड राहगीरों पर झपट रहे हैं। आना-जाना मुश्किल हो गया है। डर के मारे दो दिन से बच्चों को स्कूल नहीं भेजा है। परेल गांव के समीप लगते वार्ड नंबर तीन के बाशिंदों ने बंदरों के आतंक से राहत दिलाने की मांग उपायुक्त चंबा से की है।
लोगों ने कहा कि वन विभाग से कई बार मांग की गई, लेकिन कोई कदम नहीं उठाया गया। प्रशासन इस मामले में विभाग को निर्देश जारी करे। लोगों का कहना है कि बीते एक अक्तूबर को घर में बैठी एक महिला पर बंदर ने हमला कर दिया था। इससे महिला चोटिल हो गई थी। इसके बाद ग्रामीण खौफ में हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि करीब छह माह पहले भी कॉलेज की एक छात्रा पर बंदर झपट पड़े थे। इससे घबराई युवती घर की छत से गिर गई थी। करीब छह माह तक उसका इलाज टांडा मेडिकल कॉलेज में चला। बताया कि बंदरों से निजात दिलवाने को लेकर वे वन विभाग और मुख्यमंत्री सेवा संकल्प से शिकायत कर चुके हैं, मगर आज तक समस्या का समाधान नहीं हुआ। इस मामले को लेकर ग्रामीणों का प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त मुकेश रेपसवाल से मिला। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि इस समस्या का शीघ्र समाधान करें। उधर, उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने बताया कि यह मामला ध्यान में लाया गया है। वन विभाग को इस बारे में जरूरी निर्देश दिए जाएंगे।
बंदरों के आतंक के चलते खेतों में भी काफी नुकसान हो रहा है। बंदर अब घरों तक पहुंच रहे हैं। ऐसे में लोगों की दिक्कतें बढ़ गई हैं।
- सोनिका राणा, स्थानीय निवासी।
इस मामले बार वन विभाग को कई बार अवगत करवाया गया। मगर विभागीय कर्मी फोटो खींचकर चले जाते है। अभी तक समाधान नहीं हो पाया है। - रजनी देवी
घर की छत्त पर बैठना बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं है। कहा कि बंदर झुंडों में एकत्रित होकर पहुंच रहे है। यहां तक छत पर रखा सामान भी बिखेर देेते है। -शिल्पी शर्मा
इनसेट
हाल ही में एक महिला को बंदरों ने घायल किया है। इससे पहले भी बंदर लोगों को नुकसान पहुंचा चुके है। मगर वन विभाग की ओर से कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है। - सृष्टा देवी