चंबा। नेशनल स्कॉलरशिप पोर्ट के लिए अनिवार्य आधार प्रमाणिकता से दूरी बनाने वाले 32 प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों के प्रमुखों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। बीते दिनों शिक्षा खंड कार्यालय चंबा में आयोजित आधार प्रमाणिकता कार्यक्रम में इन मुखियाओं ने भाग नहीं लिया है। प्रारंभिक शिक्षा विभाग चंबा की ओर से 132 स्कूल प्रमुखों को इसके लिए निर्देशित किया गया था और खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारियों को सभी स्कूल मुखियाओं की उपस्थिति शत प्रतिशत दर्ज करवाने के निर्देश भी दिए थे लेकिन इन स्कूलों की ओर से विभाग की ओर से जारी दिशा-निर्देशाें की अवहेलना की गई। इस पर अब विभाग की ओर से स्कूल प्रमुखों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इसके लिए संबंधित स्कूल मुखियाओं को सात दिन का समय दिया गया है। संतुष्टि भरा जवाब न मिलने पर इनके खिलाफ शिक्षा विभाग की ओर से एकतरफा कार्रवाई की जाएगी। इस तरह की कार्रवाई करने का विभागीय मकसद आधार प्रमाणिकता में खंड के सभी स्कूल मुखियाओं की उपस्थिति दर्ज करवाना है जिससे एक ही दिन में खंड के समस्त स्कूलों के आधार प्रमाणिकता का कार्य पूरा हो सके। जानकारी के मुताबिक जिला चंबा में 15 शिक्षा खंड हैं जहां खंड वार आधार प्रमाणकिता की जानी है। वर्तमान में एक ही ब्लॉक में यह प्रक्रिया पूरी हुई है जहां 132 में से 100 स्कूलों ने भाग लिया है जबकि 32 स्कूलों ने इससे दूरी बनाई है। गौरतलब है कि नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल में आधार प्रमाणिकता को अनिवार्य कर दिया है। सरकार की ओर से छात्रवृत्ति योजनाओं में धांधली रोकने और योजना के क्रियान्वयन में पारर्दशिता लाना ही इसका मकसद है। जिले में प्रारंभिक और माध्यमिक स्कूलों की संख्या अधिक है। ऐसे में शिक्षा विभाग की ओर से खंड वार यह कार्य किया जा रहा है लेकिन स्कूल प्रमुखों की लेटलतीफी इस पर भारी पड़ रही है। मंगलवार को अब शिक्षा खंड मैहला द्वितीय के तहत आते स्कूल प्रमुखों की आधार प्रमाणिकता का शेड्यूल है।
कार्यवाहक प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक जितेश्वर सूर्या ने खबर की पुष्टि की है। बताया कि आधार प्रमाणिकता से दूरी बनाने वाले 32 स्कूल प्रमुखों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए है। कहा कि इस बारे सात दिनों का समय मुखियाओं को जवाब देने के लिए दिया गया है।