चंबा। शहर के मुख्य बाजार में अतिक्रमण (दुकानों के थड़े) तोड़ने पहुंचे नगर परिषद चंबा के कर्मियों के साथ दुकानदारों ने एक घंटे तक बहसबाजी की। दुकानदारों ने जिला व्यापार मंडल के साथ बिना बैठक किए इस प्रकार के आदेशों को अमलीजामा पहनाए जाने को सरासर तानाशाही रवैया करार दिया। दुकानदारों ने नगर परिषद को चेताते हुए कहा कि यदि कहीं पर कोई परेशानी पेश आ रही है तो इससे पहले व्यापार मंडल के साथ बैठक करनी चाहिए जिससे समस्या का समाधान उचित समय पर हो सके। बावजूद इसके इस प्रकार का रवैया अपनाया जाना सरासर गलत है।
गौर रहे कि शुक्रवार को नगर परिषद की कनिष्ठ अभियंता और सेनिटरी सुपरवाइजर की अगुवाई में सुबह 11ः30 बजे नगर परिषद के कर्मचारियों की टीम शहर के बीचोबीच स्थित दुकानों के थड़े तोड़ने के लिए पहुंच गई। नप कर्मचारियों ने जैसे ही दुकान का थड़ा तोड़ने को लेकर हथौड़ा और लोहे की रॉड उठाई तो दुकानदार मौके पर पहुंच गए। उन्होंने कहा कि थड़े तोड़ने को लेकर पूर्व में सूचित तक नहीं किया गया। इसी बीच कर्मियों और दुकानदार में बहसबाजी बढ़ती गई। देखते ही देखते बाजार में लोगों का हुजूम लग गया। व्यापार मंडल के प्रधान ने मौके पर पहुंच कर दुकानदारों को शांत कर कार्य को अमलीजामा पहनाने से पूर्व नप अध्यक्ष से मिलने की बात कही। इसके बाद आखिरकार नगर परिषद के कर्मचारी अपना काम किए बगैर दोपहर 12ः30 बजे लौट गए।
व्यापार मंडल चंबा के प्रधान वीरेंद्र महाजन ने बताया कि नगर परिषद की ओर से बिना कोई नोटिस दिए थड़े तोड़ने के फरमान जारी किए गए हैं। कहा कि यदि कहीं पर कोई दिक्कत पेश आ रही है तो नगर परिषद को व्यापार मंडल के साथ बैठक कर उसके समाधान तलाशने के प्रयास करने चाहिए। लेकिन, इस प्रकार का तानाशाही रवैया व्यापार मंडल कदापि सहन नहीं करेगा।
नप अध्यक्ष नीलम नैयर ने बताया कि चंबा की नालियों की हालत खस्ता हो चुकी है। बारिश के दिनों में शहर के कुछ लोग अपने घरों का मक भी नालियों में डाल देते हैं जिससे नालियां भर चुकी हैं। कई बार नालियां खोलने के प्रयास भी किए गए। यही कारण है कि बारिश के दिनों में दुकानों में पानी घुस जाता है। बताया कि आज की कार्यवाही के नप कार्यकारी अधिकारी के निर्देश हैं। कहा कि जल्द व्यापार मंडल के साथ बैठक कर समस्या का समाधान तलाशेगा।