भरमौर (चंबा)। पवित्र मणिमहेश यात्रा के दौरान शिवभक्तों के हलक नहीं सूखेंगे। भरमौर प्रशासन के आदेशानुसार जल शक्ति विभाग की ओर से इस बार यात्रा के विभिन्न पड़ावों पर 150 नलों की व्यवस्था की जाएगी, जिससे शिवभक्तों को प्यास से न जूझना पड़े।
विभाग की ओर से हड़सर से डल झील तक 132 नल, भरमाणी माता मंदिर के दो रास्तों पर 18 नल स्थापित करवाए जाएंगे। विभाग की ओर से नलों की व्यवस्था करने के लिए 38 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। इन्हें अलग-अलग पड़ाव पर भेजा गया है।
पवित्र मणिमहेश यात्रा पर हर वर्ष लाखों की संख्या में देश के कोने-कोने से शिवभक्त पहुंचते हैं। यात्रा के विघम रास्ते से गुजरते वक्त शिवभक्तों को अपने साथ हर पल पानी की बोतलें रखनी पड़ती हैं। शिवभक्तों के लिए जलशक्ति विभाग से यात्रा के विभिन्न रास्तों पर पेयजल के नलों को स्थापित करवाया जा रहा है।
बता दें कि हर वर्ष मणिमहेश यात्रा के दौरान स्थानीय प्रशासन शिवभक्तों की सुविधा के लिए हड़सर से डल झील तक पैदल रास्ते, अस्थायी पुलिया, अलग-अलग पड़ाव पर जल की व्यवस्था, शौचालय, बिजली, दवाओं आदि की व्यवस्था करनी पड़ती है। वर्तमान में यात्रा शुरू होने को एक माह से कम समय शेष बचा है। इसकी तैयारियों के लिए भरमौर प्रशासन जुट गया है। बता दें कि इस बार छोटा शाही स्नान 26 अगस्त 2024 को होगा। बड़ा शाही स्नान 11 सितंबर को होगा। प्रशासनिक तौर पर यात्रा शुरू होने से पूर्व रोजाना सैकड़ों की संख्या में लोग अपने स्तर पर यात्रा पर कूच कर रहे हैं।
जल शक्ति विभाग के सहायक अभियंता विवेक चंदेल ने बताया कि यात्रा के दौरान विभिन्न पड़ावों पर 150 नल स्थापित किए जाएंगे। यात्रा के दौरान 20 लाख रुपये के करीब खर्च होंगे। इसमें 8 लाख रुपये रबड़ के पाइप पर खर्च किए गए हैं।