चंबा। राजकीय माध्यमिक स्कूल भनौता की सात वर्षीय छात्रा को उपचार के लिए टांडा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। यह बच्ची कॉगनेटिव डिले रोग से पीड़ित निकली है। इसके अलावा एक आठ वर्षीय बच्ची जो बोलने में असमर्थ थी उसे चंबा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। बुधवार को राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीम बच्चों के स्वास्थ्य की जांच करने के लिए भनौती पहुंची। यहां पर टीम ने स्कूल में पढ़ने वाले सभी बच्चों के स्वास्थ्य की जांच की। इनमें सात वर्षीय बच्ची अन्य बच्चों से कमजोर निकली जो कॉगनेटिव डिले बीमारी से पीड़ित थी। इसके चलते बच्ची को येलो रेफर कार्ड जारी करके इलाज के लिए टांडा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। बच्ची का पूरा इलाज इसी रेफर कार्ड के जरिये होगा। अभिभावकों को अपनी बच्ची के इलाज को लेकर किसी प्रकार का पैसा खर्च करना नहीं पड़ेगा। यदि बच्ची को टांडा से शिमला या पीजीआई तक जाना पड़ेगा तो वहां पर भी अभिभावकों का कोई खर्च नहीं होगा। स्वास्थ्य विभाग की टीम में शामिल डॉक्टर वीनस पुरी और उनकी टीम ने बच्चों के स्वास्थ्य की जांच की। इस दौरान 22 बच्चे दांत की बीमारी से पीड़ित मिले। इन बच्चों को इलाज करवाने के लिए मेडिकल कॉलेज चंबा रेफर किया गया है। खंड चिकित्सा अधिकारी पुखरी डॉक्टर नवदीप राठौर ने बताया कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम जिले में कई बच्चों के लिए वरदान साबित हुआ है।