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सात पुलिस कर्मी और पांच प्रशिक्षु डॉक्टर डेंगू की चपेट में

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चंबा। जिले में सात पुलिस कर्मचारी और पांच प्रशिक्षु चिकित्सक डेंगू की चपेट में आ गए हैं। उन्हें उपचार के लिए चंबा मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाया गया है। उनके अलावा भी जिले में डेंगू के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। 20 से अधिक मरीज मेडिकल कॉलेज में इसी माह उपचार करवाने के लिए पहुंच चुके हैं।
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यह संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ रही है। वहीं पुलिस कर्मियों और चिकित्सकों के डेंगू की चपेट में आने से आम लोगों में दहशत का माहौल है। क्योंकि पुलिस थानों और चिकित्सीय आवासों या अस्पताल में सफाई की विशेष व्यवस्था रहती है। ऐसे में वहां रहने वाले कर्मचारी अगर गंदे पानी के मच्छर के काटने से डेंगू की चपेट में आ सकते हैं तो ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों का क्या होगा। स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में रहने वाले लोगों को अपने आसपड़ोस में रहने वाले लोगों को साफ-सफाई रखने को जागरूक किया है।
डेंगू होने का कारण गंदे पानी में पैदा होने वाला मच्छर माना जाता है जिसके काटने से व्यक्ति डेंगू की चपेट में आ सकता है। इसके बाद व्यक्ति को तेज बुखार और मांसपेशियों में दर्द शुरू हो जाता है। इस तरह के मरीज चंबा में बढ़ना शुरू हो गए हैं।
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डेंगू होने पर मरीज को पेट में तेज दर्द होने लगता है। इसके अलावा काले रंग का मल आना, मसूड़ों, त्वचा और नाक से खून रिसने लगता है। चमड़ी का ठंडा पड़ जाना और ज्यादा पसीना आना भी डेंगू के कारण हो सकते हैं। ऐसे लक्षणों में व्यक्ति को तुरंत चिकित्सक के पास जाकर अपनी जांच करवानी चाहिए।
मेडिकल कॉलेज चंबा के मेडिसन विशेषज्ञ डॉ. संजय कश्यप ने बताया कि अस्पताल में डेंगू के मरीज बढ़े हैं। पुलिस और चिकित्सीय स्टाफ भी डेंगू की चपेट में आया है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ बनाकर रखें। गंदा पानी जमा न होने दें।
प्राचार्य डॉ. पंकज गुप्ता ने बताया कि डेंगू से बचने के लिए लोगों को विभाग समय-समय पर जागरूक करता रहता है। लोगों को अपने घर के आसपास गंदा पानी जमा नहीं होने देना चाहिए। इसकी वजह से डेंगू के मच्छर पैदा होते हैं।
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